अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव: अंतिम शाही जलेब के साथ संपन्न हुआ छोटी काशी का भव्य देव समागम
500वें वर्ष में प्रवेश से पहले रविवार को छोटी काशी मंडी में आस्था और परंपरा का भव्य संगम देखने को मिला.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 22, 2026 at 7:52 PM IST
मंडी: एक सप्ताह तक चली आस्था, परंपरा और संस्कृति की अद्भुत छटा रविवार को तीसरी और अंतिम शाही जलेब के साथ संपन्न हो गई. छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध मंडी में आयोजित देव समागम (अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव) ने एक बार फिर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया. अंतिम दिन श्रद्धालुओं और देवलुओं की भारी भीड़ ने पूरे शहर को भक्तिमय माहौल में रंग दिया. समापन समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने की. उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और अन्य विधायक भी विशेष रूप से मौजूद रहे. कार्यक्रम की शुरुआत राज्यपाल को पारंपरिक पगड़ी पहनाकर की गई. इसके बाद उन्होंने राज माधव राय मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की.
शहरभर में निकली अंतिम शाही जलेब
पूजा के उपरांत राज माधव राय की पालकी के साथ तीसरी और अंतिम शाही जलेब की शुरुआत हुई. यह जलेब राज माधव राय मंदिर से आरंभ होकर चौहटा बाजार, मोती बाजार, समखेतर और बाबा भूतनाथ मंदिर से होती हुई पड्डल मैदान तक पहुंची. शहर के अधिकांश हिस्सों से गुजरती इस जलेब में देवलु अपने देवी-देवताओं के साथ नाचते-गाते शामिल हुए. सड़कों के दोनों ओर खड़े लोगों ने इस भव्य दृश्य का आनंद लिया.

पड्डल मैदान में हुआ औपचारिक समापन
जलेब के पड्डल मैदान पहुंचने के साथ ही राज्यपाल ने शिवरात्रि ध्वज उतारकर महोत्सव के विधिवत समापन की घोषणा की. उन्होंने कहा कि मंडी शहर अब अपनी स्थापना के 500वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है, जो इसके गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि जैसे भगवान शिव की साधना निरंतर चलती रहती है, वैसे ही छोटी काशी की सांस्कृतिक परंपरा भी सदियों से अविरल जारी है.

राज्यपाल ने लोगों से अपनी संस्कृति और सभ्यता को सहेजकर रखने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उठाए जा रहे कदमों की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि भविष्य में एआई के माध्यम से पशुओं के उपचार और प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा में सहायता मिल सकती है, जिसका लाभ हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य को भी मिलेगा.

प्रतिभागियों का सम्मान
महोत्सव के समापन अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया. राज्यपाल ने बेहतरीन आयोजन के लिए उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन सहित जिला प्रशासन की सराहना की. उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से यह आयोजन सफल हुआ है. इस अवसर पर मंडी सदर के विधायक अनिल शर्मा, धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर, करसोग के विधायक दीपराज भंथल और सरकाघाट के विधायक दलीप ठाकुर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे. अंतिम शाही जलेब के साथ छोटी काशी का यह भव्य देव समागम श्रद्धा, संस्कृति और एकता का संदेश देकर संपन्न हो गया.
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