512 मीट्रिक टन खाद डकार गईं मेम साहब, मेडिकल लीव लगाकर गायब, सस्पेंड
छिंदवाड़ा में महिला अधिकारी ने 30 लाख रु की खाद का किया गोलमाल, फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट लगाकर ली छुट्टी, अब हो गया बड़ा एक्शन. छिंदवाड़ा से महेंद्र राय की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : May 13, 2026 at 4:02 PM IST
छिन्दवाड़ा : पिछले दिनों जहां अन्नदाता किसान खाद की एक-एक बोरी के लिए तरसते रहे तो दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी उन्हीं के हक में सेंधमारी करने में लगे हुए हैं. ऐसा ही मामला छिंदवाड़ा से सामने आया है, जहां एक अधिकारी ने ऑनलाइन खाद स्कीम में लाखों रु का गोलमाल कर दिया और छुट्टियों पर चली गईं. जब मामले का खुलासा हुआ तो आरोपी महिला अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है.
ई-टोकन सिस्टम की बजाए ऑफलाइन बांटी खाद
किसानों को खाद देने के मामले में हो रही परेशानियों के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने ई-टोकन सिस्टम बनाकर खाद देने का काम शुरू किया था. लेकिन उसके उलट छिंदवाड़ा में अधिकारी ने ऑफलाइन मोड में करीब 30 लाख रुपए की खाद बांट दी.
512 मीट्रिक टन खाद का गोलमाल, डीएमओ सस्पेंड
मध्य प्रदेश में खाद का वितरण जहां ई-विकास प्रणाली से करने के निर्देश थे, वहीं छिंदवाड़ा मार्कफेड ने 512 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण ऑफ लाइन मोड में कर दिया था. इतना ही नहीं जब राज्य सहकारी विपणन संघ ने डीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा तो जवाब में उन्होंने फर्जी ढंग से मेडिकल सर्टिफिकेट पेश कर दिया. इस मामले में प्रबंध संचालक मार्कफेड ने डीएमओ शिखा सरेयाम को सस्पेंड कर दिया है.

अधिकारी ने मेडिकल भी लगाया फर्जी
उपसंचालक कृषि जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया, '' छिंदवाड़ा में 512 एमटी यूरिया का ऑफलाइन वितरण करने की जानकारी राज्य सहकारी विपणन संघ भोपाल को मिली थी. इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी शिखा सरेयाम से स्पष्टीकरण मांगा गया था, जिसका जवाब नहीं दिया गया. बल्कि जिला विपणन अधिकारी ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जो मेडिकल सर्टिफिकेट दिया था, वह भी फर्जी निकला. इस संबंध में प्रबंध संचालक ने शिखा सरेयाम को निलंबित कर मुख्यालय भोपाल अटैच किया है.''
बीएमओ से बनवाया था सर्टिफिकेट
जांच में सामने आया है कि यूरिया वितरण में हुई गड़बड़ी के बाद जिला विपणन अधिकारी शिखा सरेयाम ने परासिया के ब्लॉक मेडिकल ऑफीसर डॉ. प्रमोद वाचक से जारी मेडिकल सर्टिफिकेट लगाया था. जबकि इस दौरान डॉ. प्रमोद वाचक खुद सस्पेंड थे, जिन्हें कोई भी सर्टिफिकेट जारी करने की अनुमति नहीं थी. इसलिए DMO को फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट लगाने का भी दोषी पाया गया.
30 लाख से ज्यादा की यूरिया का बंदरबांट
विपणन संघ छिंदवाड़ा ने मार्च 2026 में 512 एमटी यूरिया ऑफ लाइन मोड में बांट दी थी, जिसका कोई भी रिकार्ड पेश नहीं किया गया. 512 एमटी यानि लगभग 11,377 बोरी यूरिया की कीमत करीब 30 लाख रुपए से ज्यादा है. निर्देशों के बाद भी बिना टोकन के यूरिया बांटकर जिम्मेदारों ने बंदरबांट की है. उप संचालक कृषि जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा, '' इस मामले में जांच जारी है. डीएमओ के साथ जो भी कर्मचारी-अधिकारी की मिलीभगत पाई जाएगी उन पर भी कार्रवाई होना है.''
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किसानों की समस्या दूर करने के लिए ई टोकन सिस्टम
किसानों को खाद के लिए लंबी-लंबी लाइन लगाकर कई दिनों परेशान होना पड़ता था, इससे निपटने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने ई-टोकन सिस्टम लागू किया, जिसमें किसान को ई-विकास पोर्टल पर जाकर आधार नंबर से लॉगिन करना होता है और फिर अपनी जमीन के अनुसार कौन सी फसल लगाई गई है और कितनी खाद की जरूरत है यह उसकी जानकारी प्राप्त होती है. इसके बाद नजदीकी खाद दुकानदार और स्टॉक की जानकारी भी पोर्टल पर दिखाई देती है, जिससे किसान अपनी मर्जी से खाद ले सके और खाद की जमाखोरी से भी छुटकारा मिल सके.

