टाइगर की धमाचौकड़ी, पीछा करते-करते हांफने लगी रेस्क्यू टीम, चारों ओर तमाशबीनों की भीड़
छिंदवाड़ा जिले में पेंच टाइगर रिजर्व से सटे एक गांव में घुसा बाघ. खेतों में घूम रहा. रेस्क्यू टीम ने किया पीछा. फसलों में छुपा.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : November 24, 2025 at 1:51 PM IST
छिंदवाड़ा: छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ के मऊ में सुबह जैसे ही किसान खेतों में काम करने पहुंचे तो उनके होश उड़ गए. खेतों में बाघ विचरण कर रहा था. ये देखकर ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना गांव में दी. पूरे गांव में दहशत तो फैली लेकिन इस बीच मौके पर धीरे-धीरे लोगों की भीड़ जमा होने लगी. ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचित किया.
ग्रामीणों का शोर सुनकर फसलों में छुपा बाघ
ग्रामीणों के शोर के कारण बाघ एक से दूसरे खेत में भागने लगा. इस बीच वन विभाग और पेंच टाइगर रिजर्व की टीम भी बाघ का रेस्क्यू करने लिए साजोसामान के साथ पहुंच गई. ग्रामीणों की भीड़ ज्यादा होने और शोरशराबा से बाघ भी घबरा गया और वह जंगल में भागने का रास्ते खोजने लगा. वन विभाग की टीम व पेंच टाइगर रिजर्व की टीम का कहना है कि लोगों की भीड़ अधिक होने की वजह से बाघ फिलहाल अरहर के खेतों में छिपा हुआ है.
पेंच टाइगर रिजर्व से भटककर गांव की ओर पहुंचा
रेस्क्यू टीम का कहना है कि खेतों से गांव लगा हुआ है. इसलिए कोई रिस्क नहीं लेना चाहिए. भीड़भाड़ के कारण रेस्क्यू में दिक्कत आ रही है. इस बाघ को पेंच टाइगर रिजर्व का बताया जा रहा है. वह भटककर रिजर्व से बाहर आ गया. वन विभाग के एसडीओ अनादि बुधोलिया ने बताया "मोहखेड़ से सिलवानी का जंगल लगता है, जो पेंच टाइगर रिजर्व से जुड़ा हुआ है."

"यह बाघ टाइगर रिजर्व से निकलकर इधर पहुंचा होगा. करीब 5 साल पहले भी एक बाघ टाइगर रिजर्व से निकलकर मोहखेड़ गांव में घुस गया था. उस समय पेंच टाइगर रिजर्व की टीम ने एक घर से उसका रेस्क्यू किया था."
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आसपास के गांवों में कराई मुनादी
अब एक बार फिर बाघ इस गांव में एंट्री कर सकता है. वन विभाग ने गांव के आसपास सतर्क रहने के लिए मुनादी कराई है. ग्रामीणों से कहा गया है "कोई भी व्यक्ति फिलहाल खेतों में न जाए. खासकर रात में घर से बाहर नहीं निकलें. क्योंकि इलाके में बाघ का मूवमेंट है. जब तक इसका रेस्क्यू नहीं हो जाता, तब सतर्क रहने की जरूरत है." वन विभाग का कहना है कि बाघ का बहुत जल्द रेस्क्यू कर लिया जाएगा.

