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मछली पकड़ने गया था व्यक्ति, बन गया बाघ का निवाला, एक हफ्ते में दूसरी घटना

छिंदवाड़ा-सिवनी के इलाकों में बाघ का आतंक, टिकारी गांव के एक व्यक्ति को बनाया शिकार, कुछ दिन पहले किसान पर बाघ ने किया था हमला.

SEONI YOUTH DIED TIGER ATTACK
आदमखोर बाघ ने व्यक्ति को बनाया निवाला (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 6, 2026 at 7:24 PM IST

3 Min Read
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छिंदवाड़ा/सिवनी: पेंच टाइगर रिजर्व के पास नदी में मछली पकड़ने गए एक व्यक्ति का बाघ ने शिकार कर लिया. एक हफ्ते में यह दूसरी घटना है, जिसमें वन प्राणी के द्वारा शिकार किया गया है. इसका खुलासा मंगलवार को तब हुआ जब मृतक के परिजन टाइगर रिजर्व के स्टाफ को सूचना दी कि कमल उईके 4 जनवरी की शाम से लापता है. वह पेंच नदी में मछली पकड़ने गया था. पुलिस और वनकर्मियों ने कमल के शव को बरामद कर लिया है.

मछली पकड़ने गया शख्स लापता

पेंच नेशनल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह ने बताया, "5 जनवरी को सिवनी के टिकारी गांव निवासी कमल उईके के परिजन जमतरा पहुंचे. जहां उन्होंने टाइगर रिजर्व के स्टाफ को सूचना दी कि कमल 4 जनवरी सोमवार की शाम से लापता है. वह घर पर पेंच नदी में मछली पकड़ने जाने का कहकर निकला था. उन्होंने पूरी रात कमल के आने का इंतजार किया, लेकिन वह घर नहीं लौटा. परिवार के लोगों ने अपने स्तर पर उसे सभी जगह ढूंढा, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला. तब थक हारकर उन लोगों ने जमतरा रेंज पहुंचकर. टाइगर रिजर्व के स्टाफ को पूरे मामले से अवगत कराया."

chhindwara tiger attack youth
बाघ ने व्यक्ति को बनाया शिकार (ETV Bharat)

क्षत-विक्षत हालत में मिला शव

यह घटना पेंच टाइगर रिजर्व के छिंदवाड़ा क्षेत्र के अंतर्गत गुमतरा कोर वन परिक्षेत्र में बीट छेड़िया अंतर्गत महादेव घाट नामक स्थान के पास हुई है. गुमतरा कोर क्षेत्र क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट के अंतर्गत आता है. यहां आम व्यक्तियों का प्रवेश करना प्रतिबंधित है. इधर वन विभाग के कर्मी और चांद थाना के पुलिस बल ने मृतक के शव को क्षत-विक्षत हालत में बरामद कर चौरई अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है. वन विभाग को अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे स्पष्ट हो जाएगा किस जानवर ने हमला किया है.

एक हफ्ते में दूसरी घटना

वन विभाग के रेंज ऑफिसर बलवंत सिंह ने बताया, "मंगलवार को चांद थाने के पुलिसकर्मियों एवं पेंच टाइगर रिजर्व के वन कर्मियों द्वारा पेंच नदी के किनारे कमल की खोज शुरू की गई थी. इस दौरान उन्हें जंगल में कमल का शव मिला. बॉडी में जंगली जानवर द्वारा खाए जाने के निशान मिले हैं. साथ ही मौके पर मिले सबूत से अनुमान लग रहा था कि उनके शव को किसी वन्य प्राणी, संभवत बाघ के द्वारा खाया गया है." पेंच टाइगर रिजर्व के बफर जोन में पिछले हफ्ते भी एक किसान का रात में जंगली जानवर ने शिकार किया था. एक हफ्ते में यह दूसरी घटना है.

रहवासी इलाकों में घूम रहे बाघ

पेंच टाइगर रिजर्व के बफर इलाके में लगातार बाघों का मूवमेंट बना हुआ है. रहवासी इलाके में बाघ पेंच टाइगर रिजर्व से निकलकर पहुंच रहे हैं. इसके पहले भी पालतू जानवरों के शिकार के मामले आ चुके हैं. वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट डॉक्टर अंकित मेश्राम ने बताया, "बाघ अपनी टेरिटरी में किसी का दखल बर्दाश्त नहीं करते हैं, तो या वह अपना नया इलाका खोजते हैं या फिर वहां से उसे बाहर निकलकर आते हैं और लोगों को नुकसान पहुंचाते हैं." हालांकि, वन विभाग ने बफर जोन के नजदीक बसे गांवों में मुनादी कर लोगों से रात में खेतों में नहीं जाने की अपील की है."