राखी के बहाने जेल में होगी कमाई, महिला कैदियों के हुनर से सजेगी हजारों की कलाई
छिंदवाड़ा जिला जेल में महिला कैदियों ने दिखाया हुनर, जेल प्रबंधन की रक्षाबंधन पर अनूठी पहल, महेंद्र राय की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 26, 2026 at 5:28 PM IST
छिन्दवाड़ा : मध्य प्रेदश की छिंदवाड़ा जेल में सजा काट रही कमलवती को भले ही राखी के त्योहार घर पर नहीं मनाने का मलाल है लेकिन उसके हाथों की बनी राखी हजारों भाइयों कलाइयों पर सजेगी, इसका उसे सुकून है. छिंदवाड़ा जिला जेल में महिलाओं को राखी का त्योहार मनाने और उनके हुनर को बढ़ावा देकर कमाई का जरिया बनाने की पहल की गई है. इस कड़ी में जेल में बंदियों को राखी बनाने की ट्रेनिंग देकर राखी बनवाना शुरू किया गया था, जो अब बाजार में उपलब्ध होंगी.
भाईयों की कलाइयों पर सजेगी छिंदवाड़ा वाली राखी
जेल अधीक्षक प्रतीक जैन ने बताया, '' जेल में महिला कैदियों को अलग-अलग स्वरोजगार के प्रशिक्षण दिलाए जाते हैं. जिससे वे बाहर जाकर रोजगार कर सकें. इसी के तहत उन्हें राखी बनाने ट्रेनिंग दी गई थी जिससे वे राखी बनाकर त्योहार भी मना सकें और जब यहां से छूटें तो उन्हें कुछ पैसे भी दिए जा सकें. जेल प्रबंधन को उम्मीद है कि इस पहल से राखी से महिलाओं का जुड़ाव बना रहेगा, साथ ही इससे होने वाली कमाई को वे बाहर जाकर स्वरोजगरा में इस्तेमाल कर सकेंगी.''
बाजार से आधे दाम में बेची जा रही राखियां
जेल अधीक्षक प्रतीक जैन ने बताया, '' फिलहाल 2000 राखियां बनाने का टारगेट रखा गया है. इन राखियों को बाजार से आधे दाम पर जेल कैंटीन से बेचा जा रहा है. लागत के बाद जो बचत की रकम है, वह महिलाओं में वितरित की जाएगी, जिससे जेल से छूटने के बाद भी कुछ कमाई करके यहां से जा सकें. इसके साथ ही जो यहां से राखियां खरीद कर ले जा रहे हैं उनसे हम यह भी अपील कर रहे हैं कि इन रक्षा सूत्रों को बांधने के बाद बहनें भाइयों से यह प्रॉमिस जरूर करें कि कोई ऐसा काम ना करें जिसके कारण उनके भाइयों को या बहनों को जेल की चार दीवारों के पीछे जाना पड़े.''

जेल अधीक्षक ने आगे कहा, '' जेल में महिलाओं के साथ ही पुरुष कैदियों को भी अलग-अलग तरीके से स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है. महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई- बुनाई और खाना बनाने की अलग-अलग विधियां सिखाई जा रही हैं, तो दूसरी ओर पुरुष कैदियों को उनकी रुचि के अनुसार कारपेंटर, सिलाई आदि का काम सिखाया जा रहा है.

ये भी पढ़ें:

2 दिन की ट्रेनिंग और सुंदर-सुंदर राखियां
जिला जेल में सजा काट रही कैदी कमलवती ने बताया, '' हमें अलग-अलग ट्रेनिंग दिलाई गई है, जिसमें राखी बनाने के लिए 2 दिन की ट्रेनिंग दी गई थी. अभी करीब 800 से 1000 राखियां बना ली हैं और 2000 राखियों का टारगेट पूरा करेंगे. इससे कुछ कमाई भी करेंगे. राखी के त्यौहार में भले ही अपने घर नहीं जा पा रही हूं लेकिन जेल में बनाई हुई राखियां हमारे भाईयों के साथ कई और भाईयों की कलाइयों पर सजेंगी, इस बात का सुकून है.''

