छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के गांवों में बजने वाली है घंटी, अब महज खिलौना नहीं होंगे मोबाइल फोन
छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले के कुल 211 गांवों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या का खात्मा. बीएसएनएल लगाएगा टॉवर.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : May 20, 2026 at 4:43 PM IST
छिंदवाड़ा : छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले में सैकड़ों गांव ऐसे हैं, जहां पर मोबाइल फोन लोगों के लिए सिर्फ खिलौने से ज्यादा कुछ नहीं हैं. लेकिन अब इन गांवों में मोबाइल की घंट बजने वाली है. इन गांवों में सरकारी राशन लेना हो या फिर स्कूल में शिक्षकों को हाजिरी लगानी हो, इसके लिए गांव से 2-4 किलोमीटर दूर जाना होता था या फिर पहाड़ों या पेड़ों का सहारा लेना पड़ता था. क्योंकि इन गांवों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या है. अब इन गांवों के हालात सुधरने वाले हैं. केंद्र सरकार ने 211 गांवों में बीएसएनएल के टॉवर लगाने की मंजूरी दे दी है. बीएसएनएल टॉवर लगने के बाद इन सभी गांवों में 4G नेटवर्क की सुविधा मिलेगी.
211 गांवों में पहुंचेगा नेटवर्क, सिंधिया ने दी मंजूरी
पांढुर्ना और छिंदवाड़ा जिले में बीएसएनएल के नए 211 मोबाइल टॉवर लगाए जाएंगे. सांसद बंटी विवेक साहू ने की मांग के बाद केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दोनों जिलों के ग्रामीण अंचल में इन टॉवर लगाने की स्वीकृति दी है. टॉवरों खड़े हो जाने से दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में भी 4 जी नेटवर्क मिल सकेगा, जिन गांवों में बीएसएनएल के टॉवर लगाए जाने की मंजूरी मिली है.
छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले में सबसे ज्यादा बीएसएनल टॉवर
छिंदवाड़ा सांसद बंटी विवेक साहू ने बताया "मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बीएसएनएल के टॉवर छिंदवाड़ा-पांढुर्णा जिले के लिए स्वीकृत किए गए हैं. पिछले दिनों उन्होंने दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात करते हुए छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा के दूरस्थ अंचलों में मोबाइल टॉवर की स्थापना को लेकर चर्चा करते हुए पत्र सौंपा था. उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों से भी इस संबंध में पत्राचार किया था. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश में कुल कुल 587 नई साइट पर मोबाइल टॉवर लगाने की स्वीकृति दी है."
बीएसएनएल टॉवर के लिए इन गावों के नाम
बीएसएनल छिंदवाड़ा के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार जिन गांवों का चयन बीएसएनएल के टॉवर लगाने के लिए किया है, जिसमें आमाकोल, अलीवाड़ा, अलमोद, आमला, अंडोल, अनखावाड़ी में 2, बाबई पठार, बाबूटोला, बखारी, बालापुर, बलबुदी, बलासुर, बाम्हनवाड़ा, बानाबेहरा, बंधान, बांद्राढाना, बांगई, बराहढाना, बरातमारी, बरेलीपार, बरूड, बसुरिया खुर्द, बेड़ाढाना, बीरवन, भैंसाखुर्द, भाजीपानी खुर्द, भलपानी, भांडखापा, भांड पिपरिया, भतोड़िया खुर्द, भौंड में 2, बुढ़ेना, भुदकुम, भुदकुमढाना, भूली, भूतन सावंगी, भूयारी, बिछुआ, बिछुआ भुमका, बिछुआ जुंगावानी, बीजाढाना, बिजोरी गुमाई, बिनेकीढाना, बोदल कछार, सामरढोह बजगरी, बोरिया, बोरपानी, बुदैना, बुधवारा, चांदाढोह, चंदनवाड़ा, चांदगांव, चांगोबा, चारगांव कर्बल, चारखेड़ा, चटनी, चौरासी, छत्तरी कलां, छातीआम, छिंदीयाटोला, चीचखेड़ा, चिकटबरी, चिमौआ, डेहरी, देवगढ़ आदि हैं.
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इन गांवों में भी लगेंगे टॉवर
इसके अलावा दिवानगांव, धनेगांव, धन्नौर, धनौरा, धोबीघाट, धोबीवाड़ा, धोतकी, दिगडहर,दिलावर मोहगांव, डोंगरा तालाबढाना, डोरली, दुकरझेला, ढुंडी भाजीपानी,गाजनडोह, गांगतवाड़ा, घेरीबकोड़ी, घोघरीगुंजा डोंगरी मालनी, घोघरी,घोरावाड़ी में 2, गोनावाड़ी, गोंदड़ देव मंदिर, गोप, गोविंदपुर, गुटेरा, हलालकलां, हलाल रैयत, हरनभटा, हिर्राढाना भमड़ी, हिर्राकोल, जमकुंडा, जमुनिया पठार, जामुनपानी, जंगलीखेड़ा, जवाहरगांव, जेठारी, झालमऊ, झंडा, झापट छापर, झिरपी, झौंतकलां, जोबनडेरा, जुनेवानी पांढुर्णा, काजलवानी,कालीमाटी, कांगला, कपरवाड़ी ढाना मोहल्ला, कपूर्दा माता मंदिर, काराबोह डेम, करन पिपरिया, कौआखेड़ा, खकरा चौरई, खमराजेठू, खांडेसिवनी, खापा, खापाकलां, खरसी अदेवास, खाटोपानी, खिरदा, खिरकीघाट मंडी,कुर्सीपार, खूट पिपरिया, किसनपुर, कौडिया, थांवरी खुर्द, थांवरी बापू, थांवरी टेका, तिनसई, तुमड़ी, टोटकादेई, थुयापानी, उछेटेमरू, उमरीघाट, उमरिया ईसरा, उंचाखेड़ा गांव शामिल हैं.

