35 हजार नल कनेक्शन और बचा 3 दिन का पानी, छिंदवाड़ा में जुगाड़ से बुझेगी जनता की प्यास
छिंदवाड़ा में मानसून की बेरुखी का असर, जिस डैम से बुझती थी शहर की प्यास, वही सूखा. देखें महेंद्र राय की ग्राउंड रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : June 27, 2026 at 1:15 PM IST
छिंदवाड़ा: बारिश की धीमी रफ्तार से सिर्फ किसानों की ही परेशानी नहीं बढ़ रही है बल्कि छिंदवाड़ा शहर में भी पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. अब हालात ऐसे हैं कि अगर तेज बारिश नहीं होती है तो छिंदवाड़ा शहर के लोग पीने के पानी के लिए तरस जाएंगे. क्योंकि जिस डैम से पीने का पानी सप्लाई होता है वहां मात्र तीन दिनों का पानी बचा है. ईटीवी भारत में मौके पर पहुंचकर डैम में पानी का जायजा लिया.
मात्र तीन दिनों का डैम में बचा पानी
जिस डैम से छिंदवाड़ा शहर में पानी सप्लाई किया जाता है, उस कन्हरगांव डैम में 0.23 सेंटीमीटर पानी बचा है. पीएचई के रिटायर्ड इंजीनियर अनिल चौकसे की माने तो, ''पुराने शहर में रोजाना की खपत के अनुमान से सिर्फ तीन दिन तक ही पानी सप्लाई की व्यवस्था हो सकेगी. बारिश नहीं हुई तो 4 दिन के अंतराल में पेयजल सप्लाई की व्यवस्था बनानी होगी.'' इधर माचागोरा में भी जल स्तर तेजी से गिर रहा है. निगम को पानी की फिजूल खर्ची के प्रति लोगों को जागरुक करने की जरुरत है.
शहर में 38 हजार कनेक्शन, 49 हजार MLD की खपत
नगर निगम क्षेत्र के 38 हजार नल कनेक्शन उपभोक्ताओं को रोजाना 49 एमएलडी पानी की सप्लाई होती है. पुराने शहर में कन्हरगांव डैम से व बाकी हिस्से में माचागोरा डैम से पीने के पानी की सप्लाई होती है. कन्हरगांव डैम में जल स्तर नीचे गिर चुका है. भरतादेव स्टॉप डैम में भी पानी नहीं बचा. पुरानी ग्रेविटी लाइन जगह-जगह से डैमेज होने के कारण भी पानी बर्बाद हो रहा है. कन्हरगांव डैम में 0.23 सेंटीमीटर पानी बचा है, जो कि रोजाना की खपत के अनुमान से सिर्फ 3 दिन तक की सप्लाई के लिए बचा है. ऐसे में बारिश नहीं हुई तो शहर के अधिकांश हिस्से में 4 दिन के अंतराल में पेयजल सप्लाई करने की नौबत आ जाएगी.

जरूरत का 60 फीसदी ही पानी मिल रहा
कन्हरगांव डैम से करीब आधे शहर के 25 हजार से ज्यादा घरों में 27 एमएलडी पानी की रोजाना जरूरत है. लेकिन जल स्तर गिरने से वर्तमान में 16.8 एमएलडी पानी ही सप्लाई हो पा रहा है. कोयलांचल क्षेत्र में बारिश होने पर ही कन्हरगांव डैम का जल स्तर बढ़ने की उम्मीद है. पेयजल सप्लाई को अंतराल में करने की नौबत आ चुकी है. नगर निगम ने इन हालातों को देखते हुए फिल्टर प्लांट की सफाई शुरु करा दी है. कुछ इलाकों में पानी सप्लाई रोक कर प्लांट में सफाई भी जारी है.

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महापौर भी मौके पर पहुंचे, पंप से पानी पहुंचाने का जुगाड़
नगर निगम महापौर विक्रम अहके ने जल विभाग एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ कन्हरगांव डैम का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने डैम की जलापूर्ति व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति और पंप संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया. अधिकारियों से वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए.
निरीक्षण के दौरान महापौर ने अधिकारियों को कन्हरगांव डैम के पास 200 केवी ट्रांसफार्मर स्थापित कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि, ''ट्रांसफार्मर लगने से पंपों को पर्याप्त बिजली मिलेगी, जिससे जलापूर्ति व्यवस्था अधिक सुचारु होगी और क्षेत्रीय किसानों के साथ-साथ छिंदवाड़ा शहर के नागरिकों को भी पानी की समस्या से राहत मिलेगी.''

ट्रांसफार्मर स्थापित करने के दिए निर्देश
महापौर विक्रम अहके ने अधिकारियों को काम में तेजी लाने और समयबद्ध तरीके से ट्रांसफार्मर स्थापना की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि आने वाले समय में शहर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो. कन्हरगांव डैम में आ रही समस्याओं को देखने के लिए सभापति जलप्रदाय मनोज कुशवाहा, भाजपा नेता मनोज सक्सेना, बिजली विभाग असिस्टेंट इंजीनियर सुभाष सक्सेना जूनियर इंजीनियर गजेंद्र मंडराह, AE नगर निगम विवेक चौहान सब इंजीनियर मोहित सूर्यवंशी उपस्थित रहे.

