पेंच टाइगर रिजर्व से मॉर्निंग वॉक करने निकला बाघ, ग्रामीण उमड़े तो दुम दबाकर भागा
पेंच टाइगर रिजर्व से लगे गुमतरा के पास खेतों में लोग सुबह उस समय रोमांच व दहशत से भर गए जब बाघ से सामना हुआ.


By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 27, 2026 at 3:20 PM IST
रिपोर्ट : महेंद्र राय
छिंदवाड़ा : शुक्रवार सुबह पेंच नेशनल पार्क के पास के गांव गुमतरा में खेतों में एक बाघ टहलते हुए नजर आया. जैसे ही लोगों को इसकी सूचना मिली तो खेतों के आसपास सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण इकट्ठे हो गए. कोई बाघ को आवाज लगा रहा था तो कोई डरकर इधर-उधर भाग रहा था. बाघ भी अपनी जान बचाने के लिए खेतों में दुम दबाकर भाग रहा था. कुछ ही देर में बाघ जंगल की तरफ चला गया.
पानी की तलाश में आया था बाघ
वन विभाग के रेंज ऑफिसर बलवंत सिंह ने बताया "ग्रामीणों से सूचना मिली थी कि गुमतरा के खेत में एक बाघ दिखाई दे रहा है. वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश दी. हालांकि इसके पहले ही बाघ जंगल की ओर चला गया था. पेंच टाइगर रिजर्व में गर्मी के मौसम को देखते हुए जंगली जानवरों के लिए पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, लेकिन कई बार जंगल से लगे हुए गांवों के खेतों में सिंचाई हरियाली को देखकर बाघ आ जाते हैं."
टाइगर रिजर्व के बफर जोन में है गुमतरा
गुमतरा गांव पेंच टाइगर रिजर्व के बफर जोन में है. यहीं से कुछ दूरी पर कोर इलाका भी लगता है. गुमतरा से ही पेंच टाइगर रिजर्व का एक जंगल सफारी के लिए गेट भी है, जहां से पर्यटक टाइगर रिजर्व में सफारी करते हैं. इसलिए अधिकतर बाघ और जंगली जानवर इस इलाके में नजर आते हैं. यहीं पर से पेंच नदी भी गुजरती है. जंगली जानवर पेंच नदी में पानी पीने के लिए अक्सर आते हैं.
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टेरिटरी छोटी पड़ने पर बाहर आते हैं बाघ
वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट डॉ. अंकित मेश्राम ने बताया "बाघ जब कहीं रहता है तो जंगल में वह अपना एक इलाका यानी टेरिटरी बनाता है. उसकी टेरिटरी में किसी का दखल उसे पसंद नहीं होता. टेरिटरी को वह अपने पंजे से मार्किंग कर बनाता है या फिर अपनी टॉयलेट से निशान छोड़ता है. जब कोई उसकी टेरिटरी में दखल देता है तो संघर्ष होता है. अगर इंसानों का दखल हो तो ऐसे में फिर वह टेरिटरी से बाहर निकल कर अपनी दूसरी टेरिटरी की तलाश करते हैं. इसके चलते बाघ कई बार गांव में पहुंच जाते हैं."

