छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के SNCU में हादसे के बाद भी एक वार्मर मशीन में 3-3 नवजात
छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के स्पेशल नवजात केयर यूनिट में 20 वार्मर मशीन में 63 बच्चे. नागेन्द्र सिंह शक्रवार की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 25, 2026 at 2:34 PM IST
छिंदवाड़ा : छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में नवजात शिशु गहन इकाई वार्ड में वार्मर मशीन में आग लगने से 3 बच्चों के झुलसने के बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरी. इस हादसे में एक बच्चे की मौत हो गई थी. जो वार्मर मशीन में एक बच्चे के लिए होती है, उसमें तीन-तीन बच्चों को एक साथ रखा जाता है. फिलहाल जिला अस्पताल में 20 वार्मर मशीनें उपलब्ध हैं, जिसमें 63 बच्चे रखे गए हैं.
प्रभारी ने बताई अपनी मजबूरी
नवजात शिशु गहन इकाई के इंचार्ज डॉ अंशुल लामा का कहना है "प्रत्येक मशीन में क्षमता से अधिक बच्चे रखना हमारी मजबूरी है. कम होने के कारण हर मशीन में तीन-तीन बच्चों को रखा जाता है. वर्तमान में 63 बच्चों को रखा गया है. वार्मर मशीन की मांग की जा चुकी है. मांग जब तक पूरी नहीं होती तब तक मजबूरन सभी बच्चों को एडजस्ट करना पड़ता है. जो भी नवजात आते हैं उन्हें ट्रीटमेंट देना हमारा काम है. इस कारण उन्हें एक मशीन में तीन-तीन बच्चों को रखना पड़ता है."
वार्मर मशीन किन नवजात के लिए जरूरी
वार्मर मशीन एक चिकित्सा उपकरण है. इसका उपयोग उन नवजात बच्चों के लिए किया जाता है, जो समय से पहले जन्म लेते हैं या कम वजन के होते हैं. नवजात के शरीर के तापमान को सामान्य बनाए रखने के लिए इसका उपयोग किया जाता है. जन्म के तुरंत बाद नवजात खुद को गर्म नहीं रख पाते. इसलिए उन्हें मशीन में सुरक्षित गर्मी दी जाती है. ये समय कुछ घंटे से लेकर डेढ़ महीने तक का हो सकता है.

डॉ. अंशुल लामा बताते हैं "जब बच्चा मां के गर्भ में रहता है तो उसका तापमान मेंटेन होता है. जब वह गर्भ के बाहर आता है तो वह अपनी बॉडी को तापमान मैनेज नहीं कर पता है. इसीलिए इस मशीन के द्वारा निश्चित तापमान पर रखा जाता है."
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22 अगस्त को छिंदवाड़ा में हुई थी दर्दनाक घटना
छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में हाल ही में 22 अगस्त को नवजात शिशु ज्ञान चिकित्सा इकाई में रखी वार्मिंग मशीन में अचानक आग लग गई थी. वॉर्मर में आग लगने की वजह तकनीकी खराबी और फिलामेंट में हुई स्पार्किंग को बताया जा रहा है. इस हादसे में 3 बच्चे झुलस गए थे. इसके बाद उन्हें जबलपुर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भिजवा दिया गया था, जहां एक बच्चे की मौत हो गई थी. 24 अगस्त को महाराष्ट्र के अमरावती में नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में आग लगने के कारण 3 बच्चों की मौत हो गई थी.

