छिंदवाड़ा में ट्रेनी कांस्टेबलों ने दिखाए गजब करतब, मैदानी सुरक्षा के लिए तैयार हुए जवान
छिंदवाड़ा के SAF ग्राउंड पर हुआ आयोजित हुआ नवआरक्षकों का दीक्षांत समारोह, नव आरक्षकों ने दिखाए करतब.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 9, 2026 at 3:31 PM IST
|Updated : January 9, 2026 at 4:19 PM IST
छिंदवाड़ा: पीटीएस 8वीं वाहिनी SAF ग्राउंड छिंदवाड़ा में नवआरक्षकों का दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया. इस दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर जबलपुर रेंज के आईजी प्रमोद वर्मा मौजूद रहे. जिन्होंने परेड की सलामी लेकर जवानों को प्रमाण पत्र दिए. आईजी प्रमोद वर्मा ने नव आरक्षकों को देश प्रेम, अपने काम और जिंदगी को लेकर मंत्र दिया.
दीक्षांत समारोह में जवानों ने दिखाए करतब
8वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल, छिन्दवाड़ा में आयोजित 14वें नवआरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र का दीक्षांत परेड समारोह हुआ. इस मौके पर प्रमोद वर्मा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, जबलपुर जोन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे. दीक्षांत परेड समारोह में प्रशिक्षण पूरा कर चुके नवआरक्षकों ने अनुशासन, साहस व दक्षता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया. नव आरक्षकों द्वारा दिखाए गए ब्लाइंड फोल्ड वेपन हैंडलिंग व बैंड डिस्प्ले ने लोगों का खासतौर पर आकर्षित किया.
नव आरक्षकों ने कठिन और चुनौतीपूर्ण प्रैक्टिस के माध्यम से अपने प्रशिक्षण कौशल, आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया. मुख्य अतिथि प्रमोद वर्मा ने परेड का निरीक्षण कर नवआरक्षकों की सराहना की. उन्हें राष्ट्र सेवा व जनसुरक्षा के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि विशेष सशस्त्र बल का प्रशिक्षण अनुशासन, शारीरिक क्षमता और मानसिक दृढ़ता का सशक्त आधार तैयार करता है.

72 नव आरक्षकों की हुई ट्रेनिंग,पुलिस में शामिल
आईजी प्रमोद वर्मा ने बताया "नव आरक्षकों का 14वां दीक्षांत समारोह था. जिसमें 72 सिपाहियों ने 1 साल तक ट्रेनिंग ली. अब ये मध्य प्रदेश पुलिस में जाएंगे. 1 साल तक इन्हें पीटीएस में पुलिस में किए जाने वाले कामों से रूबरू कराया गया, ताकि यह बेहतर तरीके से पुलिसिंग कर सकें और समाज और राष्ट्र की सेवा कर सकें.

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पुलिस की रीढ़ होती है आरक्षक की टीम
आईजी प्रमोद वर्मा ने आरक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस की हर कार्यप्रणाली और विवेचना के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी आरक्षक होते हैं. इसलिए इन्हें फील्ड से लेकर हर तरह की जानकारी दी जाती है. यह समझ कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं. उन्होंने सभी आरक्षकों को कहा है कि आप फील्ड में जाकर बेहतर काम कर नया आयाम हासिल कर सकते हैं."

