छिंदवाड़ा में पत्तों पर जमी बर्फ, इस सीजन की सबसे ठंडी रात, पारा पहुंचा 2.2 डिग्री
मध्य प्रदेश में भीषण ठंड का दौर जारी. शीतलहर के साथ कोहरे का प्रकोप. फसलों पर पाला पड़ने का खतरा बढ़ा.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 6, 2026 at 9:53 AM IST
छिंदवाड़ा/श्योपुर : जनवरी का पहला सप्ताह मध्य प्रदेश के लोगों पर भारी पड़ रहा है. दिसंबर के अंत से ठंड का प्रकोप बढ़ा तो जनवरी के पहले सप्ताह ने हिलाकर कर रख दिया. शीतलहर और कोहरे को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां कर दी गई हैं तो कई जगहों पर टाइमिंग बदल दी गई है. वहीं, कोहरे के कारण ट्रेनें लेट चल रही हैं. सड़कों पर विजिबिलिटी बहुत कम होने से वाहन चालकों की मुसीबत बढ़ गई है.
छिंदवाड़ा में सुबह 8 बजे तक जमी रही ओस
छिंदवाड़ा जिले में भी ठंड का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार "छिंदवाड़ा जिले में इस सीजन में पहली बार 2.2 डिग्री तापमान सोमवार रात को दर्ज किया गया है. हालात ये रहे कि सुबह 8:00 बजे तक खेतों और फसलों में हल्की बर्फ जमी रही."
मौसम वैधशाला आंचलिक कृषि अनुसंधान केंद्र चंदनगांव में मंगलवार सुबह न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री दर्ज किया गया. मौसम वैज्ञानिक डॉ. संत कुमार शर्मा ने बताया "इस सीजन में पहली बार इतना न्यूनतम गया है, जबकि अधिकतम तापमान 24 डिग्री सोमवार दोपहर को दर्ज किया गया."
अगले 3 दिन तक ऐसा ही रहेगा मौसम
छिंदवाड़ा मंगलवार सुबह कोहरे के आगोश रहा. ग्रामीण अंचलों में खेतों की मेड़ पर एवं फसलों पर ओस की बूंदें पूरी तरह से जम गई हैं. पेड़ों के पत्तों पर भी बर्फ जमी देखी गई. सिंचाई के लिए उपयोग की जाने वाले पाइपों का रंग बर्फ जमने के कारण काला से सफेद हो गया है. कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. संत कुमार शर्मा ने बताया "उत्तर की ओर से आ रही लगातार तेज सर्द हवाओं के कारण हमारे यहां का मौसम चेंज हुआ है. अभी अगले 3 दिन तक ठंड के तेवर ऐसे ही रहने की संभावना है."
मेड़ों के पास धुआं कर पाले से बचाएं फसल को
छिंदवाड़ा जिले में खेत में पड़े हुए मक्के के भुट्टों एवं मकई के ठूठ पर भी ओस की बूंदें बर्फ के रूप में जमी हुई दिखाई दी. तेज ठंड पड़ने से फसल में पाला लगने की आशंका है. ऐसे में फसलों को बचाव के लिए पानी की सिंचाई जरूरी होती है, ताकि फसल पर पाला ना पड़े. सब्जी की फसलों पर पाला पड़ने की सबसे ज्यादा आशंका होती है. पाला से बचाव के लिए खेत के आसपास मेड़ के आसपास आग जलाकर धुआं करने से राहत मिल सकती है.
श्योपुर में 2 दिन बंद रहेंगे स्कूल
श्योपुर जिले में भी शीतलहर को देखते हुए नर्सरी से लेकर कक्षा 8 वीं तक अवकाश भी घोषित कर दिया है. जिला शिक्षा अधिकारी ने सोमवार रात 8 बजे यह आदेश जारी किया. नर्सरी से कक्षा 8 वीं तक की 2 दिन की छुट्टी घोषित की गई है. घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी काफी कम हो गई.
सुबह के समय सड़कों पर वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर यात्रा करनी पड़ी. जिला शिक्षा अधिकारी एमएल गर्ग ने बताया "बढ़ती शीतलहर को देखते हुए श्योपुर जिले में संचालित सरकारी, प्राइवेट, आईसीएसई एवं सीबीएसई एवं अन्य स्कूलों का कक्षा एक से 8 तक दो दिन का अवकाश घोषित किया है."
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा शीत लहर को दृष्टिगत रखते हुये आंगनबाडी केन्द्रों के संचालन का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 02 बजे तक निर्धारित किया गया है.
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स्वास्थ विभाग ने एडवाइजरी जारी की
श्योपुर सीएमएचओ डॉ. दिलीप सिंह सिकरवार ने बताया "ठंड से बचने के लिए एडवायजरी जारी की है. बढ़ती ठंड बुजुर्गों, बच्चों, पहले से बीमार व्यक्तियों, दिव्यांगजन, खुले स्थानों पर काम करने वाले छोटे व्यवसायियों के लिए विशेष रूप से जोखिमपूर्ण हो सकती है. शीतलहर से जिनसे दीर्घकालीन बीमारियों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, सांस संबंधी रोगों से ग्रसित मरीजों, वृद्धजनों और 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के प्रभावित होने की आशंका अधिक रहती है."
ठंड से कैसे बचाएं खुद को
ऐसी स्थिति में हाइपोथर्मिया, निमोनिया, अस्थमा और हार्ट अटैक जैसी समस्या बढ़ सकती है. गुनगुना पानी पीना, शरीर को गर्म रखने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना और गर्म कपड़ों का उपयोग करना लाभदायक है. साथ ही घरों में पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखना आवश्यक है. हृदय एवं श्वांस संबंधी रोगियों को विशेष सतर्कता बरतने और बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई भी दवा न लेने की सलाह दी गई है.

