घी-काजू की डाइट से बैलों की बुलेट ट्रेन जैसी रफ्तार, VIP दर्शकों को कर दिया हक्का बक्का
छिंदवाड़ा में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा, बैल गाड़ी पट प्रतियोगिता का आयोजन, हजारों की संख्या में पहुंचे लोग.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 26, 2026 at 7:44 AM IST
छिंदवाड़ा: बुलेट ट्रेन की रफ्तार से दौड़ते बैल, सांसद और कलेक्टर के साथ हजारों की संख्या में देखने वालों का हुजूम. यह नजारा छिंदवाड़ा के एक गांव भानादेई में था जहां पर किसानों के लिए बैलों की रेस का कॉम्पटीशन किया गया था.
बैल जोड़ियों की रेस प्रतियोगिता
मध्य प्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के अंतर्गत पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए ग्राम पंचायत भानादेही, जनपद पंचायत छिंदवाड़ा में जिला स्तरीय बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया.

कलेक्टर हरेन्द्र नारायण ने बताया कि "कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना, किसानों में पशुपालन के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा ग्रामीण खेल संस्कृति को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करना रहा. प्रतियोगिता निःशुल्क आयोजित की गई, जिसमें जिले के ग्रामीण अंचलों से लगभग 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया. आयोजन के दौरान लगभग 3000 ग्रामवासी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे."

बैल गाड़ी की रेस देखने के लिए सांसद और कलेक्टर रहे मौजूद
बैल गाड़ी की रेस देखने के लिए सांसद बंटी विवेक साहू, कलेक्टर हरेंद्र नारायण सहित भाजपा के जिला अध्यक्ष शेषराव यादव मौजूद रहे. सांसद बन्टी विवेक साहू ने कहा कि "पारंपरिक खेलों के संवर्धन हेतु शासन की ओर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जायेगा." कलेक्टर ने नवाचार के तहत आयोजित इस प्रतियोगिता की सराहना करते हुए प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया. प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार ₹21,000, द्वितीय पुरस्कार ₹11,000, तृतीय पुरस्कार ₹5,100 तथा तीन सांत्वना पुरस्कार ₹1,100-₹1,100 प्रदान किए गए. इसके अतिरिक्त 15 चयनित प्रतिभागियों को मेडल एवं ट्रॉफी से सम्मानित किया गया.

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क्या होती है बैलगाड़ी पट प्रतियोगिता
ग्रामीण इलाकों में बैल जोड़ी रेस या बैल गाड़ी रेस प्रतियोगिता को पट प्रतियोगिता भी कहा जाता है. इसमें बैलों को एक छोटी लकड़ी की गाड़ी में फांदकर कर ट्रैक पर दौड़ाया जाता है और जो जितने कम सेकंड में दूरी तय करता है उस हिसाब से इनाम दिया जाता है. बैलों की रफ्तार इतनी होती है 2 किलोमीटर के सफर को 25 से 30 सेकंड में तय कर लिया जाता है.

बैलों की डाइट होती है खास
पट प्रतियोगिता में बैल को दौड़ाने आए किसान नीलम राय ने बताया कि "अपने बैलों की खातिरदारी और देख-देख वे बच्चों के बराबर करते हैं. उनकी डाइट का खास ख्याल रखा जाता है जिनमें सुबह अंडे, घी के साथ ही भैंस का दूध काजू किशमिश और सूखे मेवे के साथ रात में सरसों के तेल से मालिश की जाती है. बैलों की कीमत लाखों रुपए में होती है."

