पैसे नहीं दूध उगलेगा ATM, छिंदवाड़ा में आई गजब की मशीन, प्लास्टिक का उपयोग खत्म
छिंदवाड़ा में अब 24 घंटे आपको दूध मिलेगा. यहां के आकाश सूर्यवंशी ने दूध एटीएम का स्टार्टअप शुरू किया है.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 11, 2026 at 7:49 AM IST
|Updated : January 11, 2026 at 8:42 AM IST
छिंदवाड़ा: छिंदवाड़ा में अब लोगों को दूध के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा क्योंकि पहली बार गुलाबरा इलाके में एक युवा ने स्टार्टअप करते हुए दूध का एटीएम लगाया है जो ऑल टाइम दूध की सप्लाई करेगा. जानते हैं क्या है इस एटीएम की खासियत.
मिल्क एटीएम में 24 घंटे मिलेगा दूध
दूध एटीएम का स्टार्टअप शुरू करने वाले आकाश सूर्यवंशी ने बताया कि उन्होंने बड़े शहरों में देखा था दूध का एटीएम. इसकी शुरुआत अब छिंदवाड़ा में किया है ताकि लोगों को दूध के लिए परेशान न होना पड़े. अधिकतर देखा जाता है कि लोगों को अगर दोपहर या रात में दूध की जरूरत पड़ती है तो कई बार मिलने में दिक्कत होती है. इस एटीएम में अब 24 घंटे कभी भी आसानी से दूध मिल सकेगा.
कैसे काम करता है मिल्क एटीएम
पैसे निकालने के एटीएम की तरह ही बिल्कुल मिल्क एटीएम भी दिखता है. इस मिल्क एटीएम के भीतर 200 लीटर दूध भरने की कैपेसिटी होती है, जिसमें 5 दिनों तक सुरक्षित दूध रखा जा सकता है. एटीएम मशीन में कैश नोट डालने के ऑप्शन के साथ ही कार्ड या क्यू आर कोड स्कैन की सुविधा भी है. जितने रुपए का आपको दूध लेना है, उतना रुपए डालते ही मशीन दूध डिस्पैच कर देगी.

दूध उत्पादकों के लिए भी होगा फायदा
दूध का एटीएम लगाने वाले आकाश सूर्यवंशी ने बताया कि वह अपने गांव में दूध कलेक्शन सेंटर चलाते हैं. मशीन लगाने का फायदा दूध उत्पादक और किसानों को भी होगा जो 24 घंटे कभी भी दूध लाकर दे सकते हैं. पहले एक निश्चित समय पर दूध कलेक्ट किया जाता था अब उन लोगों को भी फायदा होगा क्योंकि अभी तक दूध कलेक्शन सेंटर में दिक्कत होती थी. एटीएम 24 घंटे चालू रहेगा तो दूध की खपत ज्यादा होगी इसका फायदा सीधा किसानों को मिलेगा.
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हाइजीन और स्वच्छता को मिलेगा बढ़ावा
वार्ड नंबर 42 के पार्षद संदीप सिंह चौहान ने बताया कि "दूध का एटीएम नया स्टार्टअप होने के साथ-साथ स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल है क्योंकि इसमें लोगों को शुद्ध और स्वच्छ दूध मिलेगा. इसके साथ ही लोग यहां पर दूध लेने के लिए डिब्बे और बोतल लेकर पहुंचेंगे ताकि प्लास्टिक के उपयोग में कमी आएगी जिससे शहर साफ और स्वच्छ भी रहेगा."

