लाइन लगाने से मिलेगा छुटकारा, भरपूर मात्रा में छिंदवाड़ा पहुंची खाद, किसान फटाफट करें स्टॉक
सरकार की खरीफ फसल को लेकर बड़ी तैयारी, खाद संकट के मद्देनजर फर्टिलाइजर की कालाबाजारी रोकने के लिए बना मास्टर प्लान.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : April 22, 2026 at 3:26 PM IST
छिंदवाड़ा: खाद के लिए लंबी-लंबी लाइन में बगैर लगे अगर पर्याप्त मात्रा में जरूरी फर्टिलाइजर चाहिए तो फटाफट नजदीकी खाद विक्रय केंद्र में जाकर ई-टोकन के जरिए किसान खाद खरीद कर स्टॉक कर सकता है. बरसात के मौसम में फसलों के लिए लगने वाली खाद की किल्लत से किसानों को बचाने के लिए छिंदवाड़ा में खाद बड़ी मात्रा में स्टॉक कर लिया गया है.
92 हजार मैट्रिक टन खाद पहुंची छिंदवाड़ा
कृषि उपसंचालक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया, "जिले में वर्तमान में सभी प्रकार की उर्वरक मिलाकर 92 हजार मेट्रिक टन की उपलब्धता है जो पूरी खरीफ की आवश्यकता की लगभग 50 प्रतिशत उपलब्ध है. किसान द्वारा उर्वरक का उठाव धीमी गति से होने के कारण जिले को प्राप्त होने वाली खाद के रेक के भण्डारण में समस्या पैदा हो सकती है."

ई-टोकन के जरिए मिलेगी खाद
जिले में ई-विकास प्रणाली से खाद बेची जा रही है, लेकिन किसानों के बीच इस प्रोसेस को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति बन रही है. ई-विकास पोर्टल में किसानों के क्षेत्रफल एवं बोई जाने वाली फसल में वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुसार, पूरी खाद की मात्रा देने का प्रावधान है. फिलहाल किसानों को जितनी खाद की गणना पोर्टल करता है उसकी आधी मात्रा खरीदी करने का नियम बनाया गया है.
फिलहाल आधी मात्रा में मिलेगी खाद
कलेक्टर हरेन्द्र नारायण ने बताया, "परेशानियों से बचने के लिये आधी खाद की मात्रा का तत्काल किसान उठाव करें एवं बाकी बची खाद आगामी माह में खरीद सकते हैं. जब तक कि वैज्ञानिक अनुशंसा एवं गणना के अनुरूप जिले को खाद प्राप्त न हो जाये. शासन स्तर से स्पष्ट किया गया है कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है, लेकिन इसका अग्रिम उठाव सिर्फ ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ही किया जाएगा." फिलहाल जिले में 43,000 मेट्रिक टन यूरिया, एन.पी.के एवं डी.ए.पी 25,000 मेट्रिक टन, पोटाश 5,200 मेट्रिक टन एवं सिंगल सुपर फास्फेट 19,000 मेट्रिक टन उपलब्ध है."
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पिछले साल खरीफ और रवि की फसल के समय किसानों को खाद लेने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. हालात इतने बिगड़ गए थे कि किसानों को खाद केंद्रों में 8-8 दिनों तक लाइन लगाना पड़ा था. इससे परेशान होकर कई बार किसानों ने आंदोलन किया, जिसके बाद से ही सरकार ने ई-टोकन सिस्टम चालू किया है. जून महीने से ही खेती में खाद की जरूरत पड़ने लगती है इसलिए जिला प्रशासन का कहना है खाद का पहले से ही स्टॉक नियम अनुसार कर लिया जाएगा तो वितरण करने में समस्याएं नहीं होगी.

