छत्तीसगढ़ की सियासत बनी बॉलीवुड: 'कल की बात पुरानी vs 'जितनी चाबी भरी राम ने'
छत्तीसगढ़ में सत्ता पक्ष फिल्मी गाने से सवालों को टाल रहा है, तो दूसरी तरफ विपक्ष भी उसी स्टाइल में तंज कस रहा है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 8, 2026 at 1:38 PM IST
रायपुर: मनरेगा का नाम क्या बदला, छत्तीसगढ़ की राजनीति में नेताओं की ज़ुबान से फिल्मी गाने निकलने लगे. सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, दोनों अपने-अपने सियासी तर्कों को अब बॉलीवुड स्टाइल में पेश कर रहे हैं. कोई कह रहा है “छोड़ो कल की बातें” तो कोई जवाब दे रहा है “जितनी चाबी भरी राम ने, उतना चले खिलौना”. यानी प्रदेश की सियासत इन दिनों पूरी तरह फिल्मी मोड में है.
‘छोड़ो कल की बातें’, सीएम साय का फिल्मी जवाब
जब ईटीवी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से पूछा कि मनरेगा का नाम बदलने के बाद जमीनी स्तर पर क्या बदलेगा और रोजगार न देने वाले अधिकारियों की सूची पर क्या कार्रवाई होगी, तो सीएम साय ने जवाब दिया, “छोड़ो कल की बातें, कल की बात पुरानी…”यानि सवालों के जवाब में सीधा फिल्मी डायलॉग. इधर बीजेपी अपनी दो साल की उपलब्धियां गिनाने में पूरी ताकत झोंक रही है.
बीजेपी का प्रचार, उपलब्धियों का ‘सुपरहिट शो’
बीजेपी सरकार पूरे जोर-शोर से अपनी योजनाओं और नीतियों का प्रचार कर रही है. हर मंच से विकास, बदलाव और नई सोच की बात हो रही है. पार्टी का दावा है कि नाम बदलने से सोच बदलेगी, सिस्टम बदलेगा और तस्वीर भी बदलेगी. लेकिन इसी बीच विपक्ष ने इस पूरे मामले को नाम बदलो, काम भूलो वाली राजनीति बता दिया है.
‘जितनी चाबी भरी राम ने…’ — भूपेश का पलटवार
अब आते हैं विपक्ष पर, महात्मा गांधी के नाम और उनके सिद्धांतों को हटाने के आरोप पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने न सिर्फ अपनी सरकार के काम गिनाए, बल्कि जवाब भी पूरी तरह फिल्मी अंदाज में दिया. बघेल ने कहा —“जितनी चाबी भरी राम ने, उतना चले खिलौना.” बघेल ने कहा कि विष्णुदेव साय अपने मन से कुछ बोल नहीं पाते. जिनसे उनसे बोलने को कहा जाता है वे उतना ही कहते हैं. भूपेश ने ये भी कहा कि पत्रकार कुछ और सवाल पूछते हैं और सीएम कुछ और जवाब देते हैं.
असल मुद्दा गुम, सियासत हुई म्यूज़िकल
एक तरफ सत्ता पक्ष फिल्मी गाने से सवालों को टाल रहा है, तो दूसरी तरफ विपक्ष भी उसी स्टाइल में तंज कस रहा है. नतीजा ये कि जनता के रोजगार का सवाल बैकग्राउंड म्यूज़िक में चला गया है, और नेता सियासी आइटम नंबर में व्यस्त हैं.

