पेपर लीक को लेकर NSUI का केंद्र सरकार पर हमला, छत्तीसगढ़ अध्यक्ष बोले- NTA को बैन किया जाए, धर्मेंद्र प्रधान दें इस्तीफा
NSUI का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम, प्रदेश अध्यक्ष नीरज पाण्डेय ने कहा- सरकार निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षाएं आयोजित नहीं कर पा रही

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : June 28, 2026 at 3:44 PM IST
MCB: लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा है. छत्तीसगढ़ NSUI भी 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित कर केंद्र सरकार पर परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगा रही है. इसी के तहत MCB जिले में भी एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पाण्डेय कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से देश के लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और छात्रों का भरोसा लगातार कमजोर होता जा रहा है.
22 लाख छात्र सिर्फ NEET में प्रभावित
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नीरज पाण्डेय ने कहा कि लगातार कई पेपर लीक हो रहे हैं. मुख्य रूप से नीट परीक्षा पेपर लीक मामले से ही 22 लाख से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी के कारण कई छात्र मानसिक तनाव से गुजरे और कुछ ने आत्महत्या जैसा कदम भी उठाया, जिससे उनके परिवारों को भारी पीड़ा उठानी पड़ी.
NSUI करेगी कई कार्यक्रमों के जरिए संवाद
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार छात्रों के मुद्दों को उठा रहे हैं और एनएसयूआई देशभर में छात्रों की आवाज को मजबूती से आगे बढ़ा रही है. "छात्रों की गूंज" अभियान के माध्यम से एनएसयूआई कार्यकर्ता कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों तक पहुंचकर छात्रों से संवाद करेंगे. उन्हें शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक की घटनाओं और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे.
पिछले 10 वर्षों में देशभर में पेपर लीक की कई घटनाएं सामने आई हैं. हाल ही में महाराष्ट्र में भी डबल इंजन की सरकार में TET परीक्षा का पेपर लीक हुआ. सरकार युवाओं के भविष्य की सुरक्षा करने में नाकाम साबित हो रही है. कांग्रेस मांग कर रही है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें- नीरज पाण्डेय, प्रदेश अध्यक्ष एनएसयूआई छत्तीसगढ़
NTA को बैन किया जाए
उन्होंने कहा कि जब सरकार निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षाएं आयोजित नहीं कर पा रही है तो युवाओं के बीच बढ़ते आक्रोश को समझना होगा. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी.
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने छात्रों से अपील की कि वे "छात्रों की गूंज" अभियान से जुड़कर अपनी समस्याओं और अधिकारों की आवाज बुलंद करें.

