कोविड 19 में स्वास्थ्य सेवा देने वाली अभ्यर्थी को दिया जाए 10 बोनस अंक-छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
याचिकाकर्ता ने 22 मार्च 2020 से 10 फरवरी 2022 तक सिविल अस्पताल, खैरागढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के आधार पर अंक देने की मांग की.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 22, 2026 at 10:47 AM IST
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोविड-19 महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली एक अभ्यर्थी को अनुभव के आधार पर 10 बोनस अंक देने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बोनस अंक देने के बाद यदि अभ्यर्थी निर्धारित योग्यता एवं मेरिट पूरी करती है, तो उसकी उम्मीदवारी पर चयन प्रक्रिया में विचार किया जाए.
याचिकाकर्ता योगेश्वरी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के वर्ष 2026-27 में भर्ती के लिए आवेदन किया था. उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान 22 मार्च 2020 से 10 फरवरी 2022 तक सिविल अस्पताल, खैरागढ़ में दी गई सेवाओं के आधार पर 10 बोनस अंक दिए जाने की मांग की. भर्ती प्रक्रिया के दौरान आपत्ति निराकरण सूची में याचिकाकर्ता को कोविड सेवा के लिए 10 बोनस अंक नहीं दिए गए. शासन की ओर से तर्क दिया गया कि विज्ञापन की क्लॉज 21(ए) के अनुसार अनुभव प्रमाण-पत्र सक्षम जिला स्तरीय अधिकारी द्वारा जारी होना आवश्यक था, जबकि याचिकाकर्ता का प्रमाण-पत्र ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, खैरागढ़ द्वारा जारी किया गया था.
याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि अनुभव प्रमाण-पत्र पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 21 अगस्त 2023 को हस्ताक्षर किए गए थे. इसके अलावा सीएमएचओ ने 8 अगस्त 2026 को जारी पत्र के माध्यम से भी स्पष्ट किया कि उक्त अनुभव प्रमाण-पत्र पर उन्होंने प्रतिहस्ताक्षर किए थे. कोर्ट ने कहा कि विज्ञापन की क्लॉज 21(ए) के तहत अनुभव प्रमाण-पत्र सक्षम जिला स्तरीय प्राधिकारी से होना आवश्यक है. इस तथ्य के आधार पर याचिकाकर्ता को कोविड-19 महामारी के दौरान दी गई सेवाओं के लिए 10 बोनस अंक दिए जाने का हकदार माना.

