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ब्रश करते समय फटी गर्दन की नस, मेकाहारा के डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी से बचाई मरीज की जान

छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े अस्पताल मेकाहारा में दुर्लभ सर्जरी से एक मरीज की जान बचाई गई है. जानिए यह कौन सी सर्जरी है.

Spontaneous Carotid Artery Rupture
मेकाहारा में गर्दन के नस की सर्जरी (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : January 5, 2026 at 4:16 PM IST

4 Min Read
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रायपुर: स्पॉन्टेनियस कैरोटिड आर्टरी रप्चर का छत्तीसगढ़ में पहला सफल ऑपरेशन हुआ है. रायपुर मेकाहारा अस्पताल के डॉक्टरों ने यह दुर्लभ सर्जरी कर एक 40 साल के मरीज की जान बचाई है. मेकाहारा के हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग में डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया है. मरीज जब ब्रश कर रहा था तब उसके गर्दन की नस फट गई थी. जिसके बाद मेकाहारा अस्पताल के डॉक्टरों ने सर्जरी से मरीज की जान बचाई.

छत्तीसगढ़ में पहला केस

स्पॉन्टेनियस कैरोटिड आर्टरी रप्चर का छत्तीसगढ़ में यह पहला केस है. अपने आप कैरोटिड आर्टरी फटने एवं उसके ऑपरेशन का राज्य में पहला केस है. पूरी दुनिया में इस तरह के केस के 10 रिकॉर्ड मेडिकल जर्नल में छपे हैं. स्पॉन्टेनियस कैरोटिड आर्टरी रप्चर (Spontaneous Carotid Artery Rupture (SCAR) की घटना बहुत ही ज्यादा दुर्लभ है. कैरोटिड आर्टरी गर्दन की उस नस को कहते हैं जो हृदय से मस्तिष्क में खून का प्रवाह करती है.

ब्रश करते समय अचानक फटी गर्दन की नस

रायपुर के रहने वाले 40 साल का शख्स सुबह टूथ ब्रश कर रहा था. उसी दौरान उसके गले में तेज दर्ज हुआ और देखते ही देखते पूरे गर्दन में सूजन आ गई. कुछ ही मिनटों में मरीज बेहोश हो गया. परिवार वाले उसे तत्काल अम्बेडकर अस्पताल (मेकाहारा, डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय) के इमरजेंसी में लेकर गए. उसके बाद मरीज का इलाज शुरू हुआ.

सीटी एंजियोग्राफी में हुआ खुलासा

गर्दन के नसों की सीटी एंजियोग्राफी जांच में खुलासा हुआ कि मरीज की दायीं कैरोटिड आर्टरी फट चुकी है और उसके चारों ओर गुब्बारानुमा संरचना बन गई है, जिसे कैरोटिड आर्टरी स्यूडोएन्युरिज्म (Carotid Artery Pseudoaneurysm) कहा जाता है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मरीज को तत्काल हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में में डॉ कृष्ण कांत साहू के पास भेजा गया.

डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी का फैसला लिया

इसके बाद डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी प्लान की. यह सर्जरी जोखिम भरी थी. गर्दन में खून के अत्यधिक जमाव के कारण धमनी (नस) को पहचानना बेहद मुश्किल था. जरा सी चूक से मरीज की जान जा सकती थी या ऑपरेशन के दौरान मस्तिष्क में खून का थक्का पहुंचने से लकवा या ब्रेन डेड होने का खतरा था. मरीज और परिजनों को सभी जोखिमों की जानकारी देकर सर्जरी की सहमति ली गई.

बोवाइन पेरिकार्डियम पैच से हुई नस की मरम्मत

लगभग कई घंटे चले इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में बोवाइन पेरिकार्डियम पैच की सहायता से फटी हुई कैरोटिड आर्टरी को अत्यंत सावधानीपूर्वक रिपेयर किया गया. सर्जरी पूरी तरह सफल रही और राहत की बात यह रही कि मरीज को किसी भी प्रकार का लकवा नहीं हुआ. अभी मरीज पूरी तरह स्वस्थ है.

इस रेयर सर्जरी की सफलता पर मैं डॉक्टरों को बधाई देता हूं. मेकाहारा के डीन डॉ. विवेक चौधरी, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. संतोष सोनकर सहित हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी टीम को मेरी बधाई है. यह मेकाहारा के लिए उपलब्धि की बात है- श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री, छत्तीसगढ़

अपने आप कैरोटिड आर्टरी का फटना रेयर केस

सामान्य तौर पर कैरोटिड आर्टरी के फटने की घटनाएं एथेरोस्क्लेरोसिस, ट्रॉमा, कनेक्टिव टिश्यू डिसऑर्डर,संक्रमण या ट्यूमर से ग्रस्त मरीजों में देखी जाती हैं, लेकिन यह मरीज पूरी तरह स्वस्थ था. अपने आप कैरोटिड आर्टरी का फटना (Spontaneous Carotid Artery Rupture) हेल्थ सेक्टर में रेयर घटना है.

जानिए क्या होती है कैरोटिड आर्टरी ?

कैरोटिड आर्टरी गर्दन के दोनों ओर स्थित प्रमुख नस होती है, यह हृदय से मस्तिष्क तक ब्लड फ्लो को तय करती है. इसके फटने या क्षतिग्रस्त होने से मरीज की जान को खतरा होता है.

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