छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की 3 दिवसीय हड़ताल, धमतरी में भी सरकारी काम प्रभावित
प्रदेश के जिलों और ब्लॉक स्तर पर फेडरेशन के कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं. धमतरी के गांधी मैदान में भी नारेबाजी की गई.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : December 29, 2025 at 8:02 PM IST
धमतरी: छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के हजारों कर्मचारी 3 दिन की हड़ताल पर हैं. छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिलों और विकास खंडों में हड़ताल की जा रही है. धमतरी शहर के गांधी मैदान में भी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी जुटे और मांग पूरी करने के लिए आवाज बुलंद की.
मोदी की गारंटी पूरी नहीं: छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि विधानसभा चुनाव में भाजपा के घोषणा पत्र में मोदी की गारंटी के रूप में कर्मचारियों से वादे किए गए थे. साथ ही शपथ पत्र भी जारी किया गया था. जिसमें महंगाई भत्ता सहित कर्मचारी अधिकारी हित की कई बातें थी. आज 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी मोदी की गारंटी पूरी नहीं की गई है.
अगर मांग पूरी नहीं होती है तो अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा. - अमित महोबे, पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन

कई सरकारी काम प्रभावित: छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के आंदोलन पर चले जाने से शासकीय कार्यालयों का कामकाज ठप नजर आया. कई शासकीय कामों में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई विभागों में जरूरी सर्टिफिकेट तक के काम प्रभावित हो रहे हैं.

फेडरेशन की प्रमुख मांगें
- केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों एवं पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) लागू किया जाए.
- DA एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए.
- सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए.
- वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए.
- प्रथम नियुक्ति तारीख से सेवा गणना करते हुए संपूर्ण सेवा लाभ दिया जाए.
- पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए.
- सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए.
- नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन और समयबद्ध प्रमोशन दिया जाए.
- अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण की जाए.
- प्रदेश में कैशलेश सुविधा लागू की जाए.
- अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस किया जाए.
- दैनिक, अनियमित, संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की ठोस नीति बने.
- सभी विभागों में समानता लाते हुए रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष की जाए.

