छत्तीसगढ़ बजट 2026: वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण
आर्थिक सर्वेक्षण में 11.57% GSDP में वृद्धि का अनुमान और 6.31 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का दावा.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 23, 2026 at 4:42 PM IST
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया. आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक तस्वीर पेश की गई. वर्ष 2025-26 में राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में 11.57 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान जताया गया है. साय सरकार ने GSDP को 6.31 लाख करोड़ तक पहुंचने की संभावना जताई है.
आर्थिक सर्वेक्षण पेश, 6.31 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ा छत्तीसगढ़
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ का GSDP 6.31 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे राज्य की विकास योजनाओं, अधोसंरचना विस्तार और निवेश बढ़ोतरी का परिणाम बताया है. वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 10.50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन को दर्शाती है.
कृषि, उद्योग और सेवा सेक्टर में तेज रफ्तार
आर्थिक सर्वेक्षण में तीनों प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि का अनुमान जताया गया
- कृषि क्षेत्र: 2025-26 में 12.53% वृद्धि का अनुमान
- उद्योग क्षेत्र: 10.26% वृद्धि का अनुमान
- सेवा क्षेत्र: 13.15% वृद्धि का अनुमान
- स्थिर भावों पर कुल वृद्धि दर: 8.11%
2024-25 के आंकड़े
- कृषि में 11.76%
- उद्योग में 9.91%
- सेवा क्षेत्र में 10.08% वृद्धि दर्ज की गई थी
निवेश का दिखेगा साकारात्मक असर
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा, धान खरीदी, कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार और सेवा क्षेत्र में बढ़ते निवेश का सकारात्मक असर प्रदेश में देखने को मिला.
प्रति व्यक्ति आय में भी उछाल
आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक 2025-26 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1,79,244 रुपए होने का अनुमान है. यह वर्ष 2024-25 की तुलना में 10.07 प्रतिशत अधिक है. सरकार का दावा है कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, ग्रामीण विकास कार्यक्रमों और रोजगार सृजन के प्रयासों से आम नागरिक की आय में वृद्धि हुई है.
विपक्ष की नजर बजट पर, आज के सर्वेक्षण से बनेगा माहौल
आर्थिक सर्वेक्षण को आगामी बजट का आधार माना जा रहा है. वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए आंकड़े यह संकेत देते हैं कि सरकार विकास और राजकोषीय संतुलन दोनों पर फोकस कर रही है. अब 24 फरवरी को पेश होने वाले बजट पर राजनीतिक दलों और आम जनता की नजरें टिकी हैं, जहां इन अनुमानों को धरातल पर उतारने की रणनीति सामने आएगी.

