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छतरपुर में गहराया जल संकट, गर्मियों की छुट्टी में दिन भर पानी ढो रहे बच्चे और महिलाएं

छतरपुर में भीषण गर्मी में गहराया जलसंकट, महिलाएं और बच्चे दूर-दूर से ला रहे पानी. मनोज सोनी की रिपोर्ट.

CHHATARPUR WATER CRISIS
दिनभर पानी ढोने में जुटे बच्चे और महिलाएं (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : May 27, 2026 at 10:00 PM IST

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छतरपुर: भीषण गर्मी में जल स्तर नीचे खिसकता जा रहा है. जिसके चलते लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं. कई इलाकों में हैंडपंप ओर कुएं भी सूख चुके हैं. गांवों में दूर-दूर से महिलाओं को पानी लाना पड़ता है. छतरपुर के करीब 10 वार्डों में गंभीर जलसंकट छा गया है. ग्रामीण इलाकों में भी पानी की त्राहि-त्राहि मची हुई है.

पानी की किल्लत से परेशान हैं लोग

छतरपुर के खजुराहो बायपास के वार्ड नंबर 17 में पानी की किल्लत से लोग परेशान हैं. यहां करीब 10 हजार परिवार निवास करते हैं. लोग पानी के लिए 1-1 किलोमीटर दूर तक जाने को मजबूर हैं. इसी तरह कृषि मंडी के पीछे वार्ड 19 में भी हजारों परिवार जल संकट की मार झेल रहे हैं. यहां आज भी पाइपलाइन नहीं पहुंच पाई है. वहीं, छतरपुर के वार्ड नंबर 38 की दुर्गा कॉलोनी में पानी की आपूर्ति बड़ी मुसीबत बनी हुई. इस कॉलोनी में करीब 5 हजार परिवार रहते हैं.

टैंकर पहुंचते ही लग जाती है लोगों की लंबी कतारें (ETV Bharat)

'पानी के लिए यहां-वहां भागना पड़ता है'

दुर्गा कॉलोनी निवासी शिवम पटेल कहते हैं, "गर्मी आते ही वार्ड में पानी की समस्या शुरू हो जाती है. जिससे लोगों को पानी के लिए यहां-वहां भागना पड़ता है. लोग काम छोड़कर पानी के इंतजाम में लगे रहते हैं." वहीं, छतरपुर नगरपालिका के अमृत योजना के उपयंत्री गोकुल प्रजापति कहते हैं "शहर में पानी की सप्लाई है. कुछ वार्ड में ऊंचाई के कारण पानी प्रेशर के साथ नहीं जा रहा है. वहां पाइपलाइन दुरुस्त की जा रही है. 5 जगहों पर टंकियों का निर्माण प्रस्तावित है, जिसका काम जल्द ही करवाया जाएगा."

टैंकर पहुंचते ही लग जाती है लोगों की लंबी कतारें

राजनगर की सलैया पंचायत में भी ग्रामीण पानी के लिए तरसते दिखाई दे रहे हैं. इस गांव मे गरीब 850 परिवारों निवास करते हैं. इस गांव में भी जलसंकट गंभीर समस्या बन चुका है. अप्रैल से जुलाई तक हर वर्ष पानी की समस्या झेलने वाले ग्रामीण इस बार भी पेयजल के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यहां सरपंच के द्वारा पानी टैंकर की व्यवस्था की गई है. लेकिन स्थिति यह है कि टैंकर पहुंचते ही सैकड़ों महिलाएं और बच्चे पानी भरने के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आते हैं.

Chhatarpur Water problem
पानी की किल्लत से परेशान हैं लोग (ETV Bharat)

प्रतिदिन निशुल्क 5-6 टैंकर पानी देते हैं सरपंच

पंचायत के सरपंच जितेन्द्र सिंह बुंदेला अपने निजी खर्च से प्रतिदिन 5-6 निशुल्क टैंकर भेजकर ग्रामीणों तक पानी पहुंचा रहे हैं. वे बताते हैं कि "गांव में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन पानी की टंकियों का निर्माण नहीं होने से योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. कई स्थानों पर सड़कें खोद दी गईं, लेकिन अधूरे कार्यों के कारण लोगों को आज भी पेयजल के लिए टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है."

बच्चे भी दिन रात पानी ढोने में जुटे

बक्सवाहा इलाके के 15 वार्डो में भी पानी की त्राहिमाम मची हुई है. यहां महिलाएं और बच्चों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है. कई हैंडपंप जबाब दे चुके हैं. लेकिन 1-2 ही हैंडपंप अब सहारा बने हुए है. वहीं, तालाब भी सूखने की कगार पर है. वहीं, बक्सवाहा तहसीलदार भरत पांडे कहते हैं "जल निगम वालों से बात हुई थी. नलजल की सप्लाई कई दिनों से बंद थी, अब शुरू हो जाएगी."

Chhatarpur Water crisis
दिनभर पानी ढोने में जुटे बच्चे (ETV Bharat)

'सरपंच पानी नहीं देगें तो जनता परेशान हो जाएगी'

राजनगर जनपद पंचायत के सलैया गांव निवासी सावित्री बाई बताती हैं "करीब एक माह से रोजाना टैंकर से पानी आता है. नलजल योजना के लाइन में पानी नहीं आता है. कुएं भी सुख चुके हैं. हैंडपंप में पानी नहीं है." गेंदाबाई कहती हैं "पिपरिया गांव से डेली पानी का टैंकर आता है. अगर सरपंच पानी नहीं देंगे, तो जनता और परेशान हो जाएगी."

राजनगर जनपद पंचायत सीईओ राकेश शुक्ला का कहना है कि "मुझे आपके माध्यम से खबर मिली है. सलैया गांव में जल्द ही पीएचई विभाग को भेजकर दिखवाते हैं. पानी की परेशानी दूर की जाएगी."