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पिता की सांसे बचाने बेटा देता रहा CPR, एंबुलेंस नहीं मिली तो लोडर वाहन से लेकर पहुंचा हॉस्पिटल

छतरपुर में एंबुलेंस नहीं मिलने से समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाया मरीज, रास्ते में हार्ट अटैक आने के बाद हुई मौत.

CHHATARPUR MAN DIES HEART ATTACK
इलाज के लिए अस्पताल जा रहे शख्स की हार्ट अटैक से मौत (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 28, 2026 at 12:54 PM IST

2 Min Read
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छतरपुर: राजनगर थाना इलाके के तालगांव में हार्ट अटैक से एक व्यक्ति की मौत हो गई. सीने में दर्द होने के बाद जगदीश विश्वकर्मा अपने बेटे के साथ इलाज के लिए अस्पताल जा रहे थे. इसी दौरान उन्हें अटैक आ गया. जिसके बाद एंबुलेंस से संपर्क किया गया, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची, तो बेटा लोडर वाहन से पिता को लेकर अस्पताल पहुंचा. इस दौरान पूरे रास्ते वह पिता को सीपीआर देता रहा. लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसके पिता की मौत हो गई.

लोडर वाहन से पिता को लेकर अस्पताल पहुंचा युवक

तालगांव निवासी 65 वर्षीय जगदीश विश्वकर्मा को 2 दिन से सीने में दर्द हो रहा था. जिसके बाद वे शुक्रवार को अपने बेटे संतोष के साथ बाइक से इलाज के लिए अस्पताल जा रहे थे. तभी उन्हें अटैक आ गया और राजनगर बाईपास के पास गिर पड़े. मौके पर लोग जमा हो गए, जिसके बाद उन्होंने एबुलेंस को फोन लगाया. कई बार फोन लगाने के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं मिली, तो पास से ही गुजर रहे गेहूं लदे लोडर वाहन से संतोष अपने पिता को लेकर हॉस्पिटल निकल पड़ा.

बेटा पिता की सांसे बचाने देता रहा सीपीआर (ETV Bharat)

अस्पताल पहुंचने तक सीपीआर देता रहा बेटा

अस्पताल पहुंचने तक पूरे रास्ते संतोष अपने पिता की छाती बार-बार दबाता रहा और सीपीआर देता रहा. उन्हें आवाज देता रहा कि पापा आंखें खोलिए. लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही थी. ट्रैफिक इतना था कि जब अस्पताल पहुंचा, तो बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. जिला अस्पताल में मौजूद चिकित्सक डॉ. अदिति अग्रवाल ने बताया कि "अस्पताल पहुंचने पर जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. मरीज की अस्पताल लाने से पहले ही मृत्यु हो गई थी."

एंबुलेंस नहीं मिलने से अस्पताल पहुंचने में देरी

रास्ते में ट्रैफिक के कारण अस्पताल पहुंचने में देरी हुई. संतोष का कहना है कि "यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती, तो आज मेरे पिता जीवित होते." वहीं, मामले में छतरपुर सीएचएमओ आरपी गुप्ता ने कहा कि "अगर समय पर एंबुलेंस नहीं मिली, तो गंभीर विषय है. मामले की जांच कराई जाएगी."