केन बेतवा परियोजना पर राहुल गांधी का होगा फुल एक्शन! छतरपुर के गांव वालों से बड़ा वादा
केन-बेतवा लिंक परियोजना विवाद की जानकारी देने राहुल गांधी के पास पहुंचे अमित भटनागर और दिव्या अहिरवार, बताया राहुल का वादा. मनोज सोनी की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 21, 2026 at 2:36 PM IST
|Updated : August 21, 2026 at 2:51 PM IST
छतरपुर : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मध्य प्रदेश के पन्ना व छतरपुर दौरे पर आ सकते हैं. राहुल गांधी ने ये वादा केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ आंदोलन करने वाले कार्यकर्ताओं से किया है. राहुल गांधी ने वादा किया है कि वे आगे भी केन-बेतवा से प्रभावित हुए लोगों के लिए आवाज उठाएंगे. हालांकि, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पहले ही केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित लोगों के लिए मुआवजा राशि 5 लाख से बढ़ाकर 12.5 लाख रु कर दी गई थी और सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर भी अपना आमरण अनशन खत्म कर चुके थे.
राहुल ने किया छतरपुर आने का वादा
सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ओर पार्षद दिव्या आहिरवार ने ETV भारत के बताया, '' छत्तरपुर व पन्ना में चल रही केन-बेतवा लिंक पतियोजना के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई करने वाले कार्यकर्ताओं सहित परियोजना से प्रभावित छतरपुर और पन्ना जिले के किसानों का 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बीते दिनों दिल्ली पहुंचा था. यहां इस प्रतिनिधि मंडल ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी. मुलाकात के बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के बारे में जानकारी दी. जहां राहुल गांधी ने उनके हक में आवाज उठाने का आश्वासन दिया और छतरपुर आने की बात कही.''
मुआवजा बढ़ाया, पुन: सर्वे भी शुरू, अब कांग्रेस करेगी राजनीति
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का सपना था कि सूखे बुन्देलखंड को हरा, भरा किया जाए,इसी सपने को पूरा करने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केन बेतवा लिंक परियोजना का शुभारंभ 25 दिसंबर 2024 को छतरपुर के खजुराहो में किया गया था. योजना के शुरू होते ही विस्थापितों ने इसके खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया और मुआवज की मांग की. जब मुआवजा मिला तो मुआवजा बढ़ाने और छूट गए लोगों को शामिल करने के लिए कभी आमरण अनशन, कभी चिता आंदोलन तो कभी जल सत्याग्रह किया गया. आखिर में मोहन यादव सरकार ने कैबिनेट में फैसला लिया कि अब मुआवजे की राशि 5 लाख से बढ़ाकर 12.5 लाख रु करी दी जाएगी और छूट गए प्रभावितों के लिए सर्वे कराकर उन्हें भी शामिल किया जाएगा, जिसके बाद आंदोलन खत्म हुआ. हालांकि, अब अमित भटनागर का आरोप है कि अपात्र लोगों को मुआवजा दिया जा रहा है और पात्र लोगों को अभी भी मुआवजा नहीं मिला रहा है. कार्यकर्ताओं ने यही जानकारी दिल्ली जाकर राहुल गांधी को दी.

क्या है केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट?
केन-बेतवा लिंक परियोजना देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना के तहत करीब 44,000 करोड़ रु की लागत से ढोढन बांध और 221 किमी लंबी नहर बनाई जानी है, इसका लक्ष्य क्षेत्र में 10.62 लाख हेक्टेयर सिंचाई, 62 से 65 लाख लोगों को पेयजल और 103 मेगावाट बिजली देना है, हालांकि, इसमें 22 गांव शामिल हैं, जिसमें से 10 गांव पूरी तरह डूब क्षेत्र में हैं और 7,000 परिवार का विस्थापन होना है.
सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर और दिव्या आहिरवार ने कहा, '' राहुल गांधी ने सबसे पहले हम को समय दिया. एक घंटे तक हमारी बात सुनी, महिलाओं के दर्द को समझा और आश्वासन दिया कि बहुत जल्द छत्तरपुर आएंगे.''

