नहीं मिली एंबुलेंस, गर्भवती को बस में बैठाया, अलसुबह भीषण ठंड के दौरान रास्ते में डिलेवरी
यात्री बस से छतरपुर जिला अस्पताल आ रही प्रसूता ने रास्ते में बच्चे को दिया जन्म. स्वास्थ्य केंद्र व एंबुलेंस पर फिर सवाल.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 5, 2026 at 12:38 PM IST
छतरपुर : मध्य प्रदेश में 108 एंबुलेंस स्टाफ की मनमानी की शिकायतें कम होने का नाम नहीं ले रही. ताजा मामला छतरपुर जिले का है. गर्भवती महिला की डिलेवरी करने से चंद्रनगर हॉस्पिटल स्टाफ ने इंकार कर छतरपुर ले जाने को कहा. परेशान परिजनों ने एंबुलेंस बुलाई. लेकिन काफी देर तक एंबुलेंस नहीं आई. मजबूर होकर गर्भवती को लेकर परिजन बस से छतरपुर जिला अस्पताल के लिए रवाना हुए, लेकिन बीच रास्ते में ही डिलेवरी हो गई.
जच्चा-बच्चा पूरी तरीके से स्वस्थ हैं
बस में सवार महिलाओं ने इंसानियत का परिचय देते हुए प्रसूता की मदद की. बस चालक ने भी संवेदनशीलता दिखाई. मामले की गंभीरता को देखते हुए ड्राइवर बस को सीधे छतरपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचा. समय पर मदद मिलने से मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं. प्रसूता पूनम पति वीरेंद्र रैकवार निवासी चंद्रनगर को शनिवार देर रात प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी.
रविवार सुबह करीब 4 बजे परिजन उन्हें चंद्रनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे तो वहां मौजूद स्टाफ ने बताया "एक बस पलटने की घटना के कारण उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है. हॉस्पिटल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं है."
बस में सवार महिला यात्रियों ने की मदद
मौके पर कोई भी एंबुलेंस मौजूद नहीं थी. एंबुलेंस न मिलने पर परिजन मजबूरी में पूनम को बस से जिला अस्पताल ले जा रहे थे. इसी दौरान रास्ते में ही प्रसव हो गया. बस में मौजूद महिलाओं ने सूझबूझ और मानवता का परिचय देते हुए प्रसूता की मदद की. परिजनों ने बसयात्रियों द्वारा की गई मदद पर धन्यवाद दिया. इस घटना के बाद स्वास्थ्य एंबुलेंस व्यवस्था को लेकर फिर सवाल खड़े हो रहे हैं.

महिला को परिजन मजबूरी में यात्री बस से लाए
प्रसूता महिला की सास शीला रैकवार ने बताया "चंद्रनगर हॉस्पिटल गए थे तो वहां मौजूद नर्स ने कहा छतरपुर ले जाओ, डिलेवरी यहां नहीं होगी. मैंने कहा पेटदर्द ज्यादा हो रहा है, लेकिन नर्स ने कहा जाओ छतरपुर में आभा खरे के यहां ले जाना. मौके पर एम्बुलेंस नहीं मिली. मजबूरी में बस से लाना पड़ा. बमीठा के पास ही डिलेवरी हो गई."

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बस ड्राइवर की इंसानियत की चर्चा
वहीं, बस चालक बबलू विश्वकर्मा बताते हैं "चंद्रनगर से डिलेवरी आई थी. हाइवे पर चढ़ते ही बस में महिला ने बच्चे को जन्म दिया. इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए वह बस को जिला हॉस्पिटल लेकर आया." इस मामले में छतरपुर CMHO आरपी गुप्ता का कहना है "चंद्रनगर में डिलेवरी क्यों नहीं हुई, इसकी जांच करवाई जाएगी."

