मोहन यादव भूमिपूजन और शिलान्यास कर लौटे, अधिकारियों ने शिलापट्टी को कचरे में धकेला
छतरपुर में सीएम मोहन यादव ने करोड़ों रुपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन और शिलान्यास, सालभर बाद शिलापट्टिकाएं कचरे के ढेर से बरामद.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 2, 2026 at 10:53 AM IST
छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लोकार्पित और भूमिपूजन विकास कार्यों की सरकारी शिलापट्टिकाएं एक शासकीय परिसर में कबाड़ की तरह पड़ी मिली हैं. मामला सामने आते ही प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मच गई है. एडीएम ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.
कचरे के ढेर में मिले शिलान्यास के पत्थर
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अगस्त 2025 में मेला ग्राउंड से कई विकास कार्यों की घोषणा की थी. इस दौरान सीएम मोहन ने करोड़ों रुपये के कार्यों का भूमि पूजन और शिलान्यास किया था. आज वे पत्थर कचरे के ढेर में लावारिस पड़े मिले हैं. सीएम के जाते ही अधिकारियों द्वारा विकास के ये सबूत कचरे में फेंक दिए. चौंकाने वाली बात यह है कि शिलान्यास का ये पत्थर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा यानी आरईएस विभाग के कार्यालय परिसर के कबाड़खाने में पड़े मिले हैं.
करोड़ों के विकास कार्य परियोनाओं से जुड़ी है शिलापट्टी
शिलापट्टिकाओं पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के नाम अंकित हैं. ये शिलापट्टी लवकुशनगर और मातगुवां क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजस्व कार्यालय भवन और सड़क निर्माण जैसे करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं से संबंधित हैं.
सीएम के वादे अफसरों पर बेअसर
इन कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण दिसंबर 2024 में प्रस्तावित था, लेकिन अगस्त 2025 में मेला ग्राउंड में किया गया था. करोड़ों की योजनाओं का शिलान्यास होने के बाद भी धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ. इसके अलावा जिन पत्थरों पर योजनाओं का नाम लिखा था उसे कचरे में फेंक दिया गया. इससे साफ है कि अफसरों ने मुख्यमंत्री के वादों को भी गंभीरता से नहीं लिया. एक साल बीत जाने के बाद भी योजनाएं शुरू नहीं हुईं.

कांग्रेस ने साधा निशाना
सरकार को घेरते हुए कांग्रेस प्रवक्ता संजय चौरसिया ने कहा, "जब अधिकारी अपने मुख्यमंत्री द्वारा किये विकाश कार्यो की शिलापट्टी को कचरे के ढेर में फेंक सकते हैं, तो वह जनता का क्या भला करेंगे. भाजपा सरकार के कथनी और करनी में यही अंतर है." छतरपुर आरईएस विभाग के ईई सलिल सिंह ने कहा, "उस समय यह काम हम लोगों को नहीं सौंपा गया था. हमारे विभाग द्वारा यह पत्थर नहीं रखवाए गए. जिस विभाग द्वारा ये काम किया गया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी."
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इस पूरे मामले पर एडीएम विनय द्विवेदी ने कहा, "घटना की आपके द्वारा सूचना मिली है, कलेक्टर साहब को अवगत कराया जाएगा. उसके बाद उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी."

