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गहरी गुफा के अंदर रहस्यमयी अति प्राचीन अर्जुन कुंड, कनेक्शन डायरेक्ट पाताल तक

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर जंगल में स्थित अर्जुन कुंड के रहस्य से अब तक कोई पर्दा नहीं उठा सका.

Chhatarpur mystery Arjun Kund
गहरी गुफा के अंदर रहस्यमयी अति प्राचीन अर्जुन कुंड (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 6, 2026 at 11:10 AM IST

3 Min Read
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छतरपुर : महाभारत काल से जुड़ा अर्जुन कुंड तक पहुंचने के लिए एक गुफा में प्रवेश करना पड़ता है. गुफा का रास्ता बहुत संकरा है, लेकिन अंदर विशाल जल स्रोत है. यह कुंड कई रहस्य समेटे हुए है. प्राचीन काल में इस गुफा के अंदर बने कुंड के पास साधु-संत घोर तपस्या कर वरदान प्राप्त करते थे. आज भी यहां लोग आते है, लेकिन डर लगता है. कभी इस गुफा में वनवास के दौरान पांडवों ने कुछ दिन बिताए और यहीं तपस्या की थी, जिसके प्रमाण आज भी आसपास मिलते हैं.

गुफा के अंदर कुंड के रूप में बड़ा जल स्त्रोत

छतरपुर जिला अपने इतिहास, कला, सस्कृति, कलाकृति, धर्मिक स्थलों और रियासतों के लिए पूरे देश में पहचाना जाता है. छतरपुर जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर की दूरी पर धनगुवां गांव है, जो बड़ामलहरा तहसील के अंतर्गत आता है. इस गांव का हिस्सा जंगल मे तब्दील है, यही पर एक गुफा भी बनी हुई है.

अति प्राचीन अर्जुन कुंड, कनेक्शन डायरेक्ट पाताल तक (ETV BHARAT)

इस गुफा के अंदर एक विशाल जल स्त्रोत है, जिसे लोग अर्जुन कुंड के नाम से जानते हैं. इस कुंड में जाने के लिए सीढ़ियों से नीचे उतरना पड़ता है, लेकिन जब अंदर जाते हैं तो घोर अंधेरा मिलता है. यहां पानी का विशाल कुंड बना हुआ है.

कुंड का जल लेकर मनोकामना पूरी करते हैं

मान्यता है कि लोग अर्जुन कुंड का जल ग्रहण कर अपनी मनोकामना पूरी करते हैं. कहा जाता है कि इस जल से से रोग, बाधा भी दूर होती है. स्थानीय जानकर नरेंद्र दीक्षित बताते हैं "कभी इस कुंड के पास साधु-संतों का डेरा रहता था, जो अपनी तपस्या में लीन रहते थे. इसकी तह तक कोई नही पहुंच सका. पहले के लोग बताते ते कि इसकुंड का पाताल से कनेक्शन है."

महाभारत काल से जुड़ा है अर्जुन कुंड का रहस्य (ETV BHARAT)

महाभारत काल से जुटे धनगुवा में स्थित प्राचीन अर्जुन कुंड पर मकर संक्रांति पर विशाल मेले का आयोजन होता है, जो लंबे समय से चला आ रहा है. इस कुंड में लोग स्नान करते हैं और जल ग्रहण करते हैं, पूजा-अर्चना करते हैं, अपनी मनोकामना के लिए दूर-दूर से भक्तों का आना-जाना लगा रहता है.

Chhatarpur mystery Arjun Kund
रहस्यमयी अति प्राचीन अर्जुन कुंड जाने की सीढ़ियां (ETV BHARAT)

महाभारत काल से जुड़ा है अर्जुन कुंड का रहस्य

छतरपुर जिले के धनगुवां की ग्राम पंचायत में स्थित प्राचीन रहस्य अर्जुन कुंड का कनेक्शन महाभारत काल से है. नरेंद्र दीक्षित बताते हैं "हमारे पूर्वज बताया करते थे इस गुफा के अंदर एक विशाल कुंड बना हुआ है, जो बहुत ही प्राचीन है. हजारों साल पुराना है. कुंड का रहस्य महाभारत काल से जुड़ा हुआ."

Chhatarpur mystery Arjun Kund
इस गुफा के अंदर है अति प्राचीन अर्जुन कुंड (ETV BHARAT)

"जब पांडव वनवास काट रहे थे तब द्रोपदी को प्यास लगी तो अर्जुन ने अपना बाण चलाकर जमीन से जल की धारा निकाल दी, जो आज अर्जुन कुंड के नाम से जाना जाता है. इसकी गहराई कोई नहीं नाप पाया."

अर्जुन कुंड का पानी कभी खराब नहीं होता

कुंड का पानी एक दम कंचन की तरह साफ है. इसका जल कभी खराब नहीं होता. इससे कुछ दूरी पर बाजना के पास भीम कुंड भी है, जो महाभारत काल के समय पांडवों के होने का प्रमाण देता है. इतिहासकार रिटायर्ड प्रोफेसर एन.के.जैन बताते हैं "छतरपुर जिले में बड़ामलहरा इलाके में बहुत ही प्राचीन अर्जुन कुंड बना है. पास में भीम कुंड है. पांडवों ने इस इलाके में वनवास काटा था. करीब 20 से 25 फीट का गोलाकार गुफानुमा में प्रवेश करने के बाद अर्जुनकुंड स्थित है."