खजुराहो के मंदिर में पायल की खनक, घुंघरू की छनछन, 7 दिनों तक बुंदेली व्यंजन मुंह में लाएंगे पानी
छतरपुर में 20 से 26 फरवरी तक चलेगा खजुराहो नृत्य समारोह, कंदरिया महादेव एवं जगदंबा मंदिर परिसर में देश-विदेश के कलाकर देंगे शानदार प्रस्तुति.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 20, 2026 at 1:22 PM IST
छतरपुर: मंदिरों के शहर खजुराहो में 52वां अंतरराष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह का आयोजन होने वाला है. इस साल समारोह में भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविध शैलियों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा. 7 दिवसीय इस आयोजन की शुरुआत 20 फरवरी यानी शुक्रवार से होने जा रही है, जिसका समापन 26 फरवरी को होगा. इसमें देश-विदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी शानदार प्रस्तुतियां देंगे. इस कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है. 7 पद्मश्री एवं 6 संगीत नाटक अकादमी अवॉर्डी नृत्य कलाकारों के साथ इस आयोजन से पर्दा उठेगा. ये समारोह कंदरिया महादेव एवं जगदंबा मंदिर परिसर में आयोजित होगा.
इन संस्थाओं के सहयोग से समारोह
खजुराहो नृत्य समारोह में भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, कुचिपुड़ी, मणिपुरी और मोहिनीअट्टम जैसी प्रमुख शास्त्रीय शैलियों की प्रस्तुति कलाकार देंगे. इस आयोजन में देश विदेश के पर्यटक बड़ी संख्या में कला का संगम देखने आएंगे. उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक प्रकाश सिंह ठाकुर ने बताया कि "उत्सव मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित कराया जा रहा है. इसमें उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी द्वारा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग, दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, नागपुर एवं जिला प्रशासन छतरपुर द्वारा सहयोग किया गया है."
लोकल कलाकार भी साझा करेंगे मंच
छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल और एसपी अगम जैन ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया. क्योंकि मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव का खजुराहो नृत्य समारोह में आना भी प्रस्तावित है. जिसको लेकर पुलिस-प्रशासन द्वारा चाक चौबंद व्यवस्था की गई है. कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बताया, "आयोजन हर वर्ष 20 से 26 फरवरी तक होता है. जिसकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. देश-विदेश के कलाकार और पर्यटक खजुराहो पहुंच रहे हैं. समारोह में लोकल कलाकारों को भी मंच दिया जाएगा."
शास्त्रीय नृत्यों की दी जाएगी प्रस्तुति
उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक प्रकाश सिंह ठाकुर ने बताया, "मंदिरों के मध्य एक भव्य मंच बनाया जा रहा है. जिस पर कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम, कथकली, मणिपुरी एवं छाऊ जैसी शास्त्रीय नृत्य शैलियों की प्रस्तुतियां होंगी. इस वर्ष भी पद्म पुरस्कार प्राप्त, संगीत नाटक अकादमी सम्मानित एवं राष्ट्रीय - राज्य स्तरीय अलंकरणों से विभूषित कलाकारों के साथ प्रतिभाओं को समान मंच दिया जाएगा. समारोह में कथक की 6, भरतनाट्यम की 4, ओडिसी की 5, मणिपुरी की 2, कथकली की 1, कुचिपुड़ी की 2, मोहिनीअट्टम की 1, सत्रिया की 1 एवं छाऊ नृत्य की 1 प्रस्तुतियां आयोजित होंगी."
- खजुराहो नृत्य समारोह आध्यात्मिक आनंद से रहा सराबोर, मोहिनीअट्टम, कथक नृत्य की धूम
- नृत्य में दिखी शिव आराधना, खजुराहो नृत्य समारोह में एक्ट्रेस मीनाक्षी का अद्भुत प्रदर्शन
एमपी के प्रसिद्ध व्यंजनों का मिलेगा स्वाद
नृत्य, कला एवं शिल्प के साथ ही मध्य प्रदेश के पारम्परिक व्यंजनों का स्वाद भी खजुराहो नृत्य समारोह में कलाप्रेमियों को मिल सकेगा. इसके लिए आयोजन स्थल पर फूड स्टॉल लगाए गए हैं, जिसमे बुंदेली व्यजनों सहित, भील, गोंड, कोरकू, कोल, सहरिया, बैगा के पारम्परिक व्यंजन, बुंदेलखण्ड, बघेलखण्ड, निमाड़ एवं मालवा के पारम्परिक व्यंजनों के साथ ही प्रचलित व्यंजन परोसे जाएंगे.

