मणिपुरी नृत्य से 52वें खजुराहो डांस फेस्टिवल का रंगारंग आगाज, भगवान नटराज की थीम पर आयोजित है कार्यक्रम
26 फरवरी तक चलने वाले खजुराहो नृत्य महोत्सव के पहले दिन कोलकाता की ममता शंकर ने कथक,चेन्नई की अनुराधा वेंकटरमन ने भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 21, 2026 at 2:17 PM IST
|Updated : February 21, 2026 at 3:08 PM IST
छतरपुर: विश्व प्रसिद्ध खजुराहो नृत्य महोत्सव का शुक्रवार की शाम भव्य आगाज हुआ. 7 दिनों तक चलने वाले भारतीय शास्त्रीय नृत्य विधाओं पर आधारित 52वें खजुराहो नृत्य महोत्सव की शुरुआत मणिपुरी नृत्य से हुई. नटराज थीम पर आधारित इस समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वर्चुअल तरीके से किया. विश्वविख्यात मंदिर समूह की पृष्ठभूमि में यह समारोह 26 फरवरी तक चलेगा. मुख्य कार्यक्रम हर दिन शाम 6:30 बजे से शुरू होगा. इसमें दर्शकों का प्रवेश पूरी तरह मुफ्त रखा गया है.
समारोह की शुरुआत एक भव्य सांस्कृतिक रैली से हुई. इस बार समारोह में पहली बार सांस्कृतिक कार्निवल का आयोजन किया गया. इसमें 10 राज्यों की लोक कला और शिल्प की झलक देखने को मिली. इसके अलावा एक खास नटराज प्रदर्शनी भी लगाई गई है जहां भगवान शिव के 108 नृत्य रूपों की बड़ी मूर्तियां और पेंटिंग्स प्रदर्शित की गई हैं.
मणिपुरी नृत्य से हुई खजुराहो फेस्टिवल की शुरुआत
मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग, उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत और कला अकादमी द्वारा आयोजित 52वें खजुराहो नृत्य समारोह का आगाज हो चुका है. मणिपुरी नृत्य की पहली प्रस्तुति से समारोह की शानदार शुरुआत हुई. मणिपुरी नृत्य के लिए कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नृत्य समारोहों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं कुमारी थोकचोम इबेमुबी देवी की टीम ने यह प्रस्तुति दी. मणिपुरी नृत्य एवं कला-संस्कृति में योगदान के लिए उन्हें कई पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं.
दूसरी प्रस्तुति ओडिसी नृत्य की रही. ओडिसी नृत्य के जाने-माने गुरु दुर्गाचरण रणबी ने यह प्रस्तुति दी. उन्होंने सभी बड़े नृत्य महोत्सवों में ओडिसी नृत्य की एकल और सामूहिक प्रस्तुतियां दी हैं.

वहीं तीसरी प्रस्तुति सत्तरिया केंद्र गुवाहाटी की रही. सत्तरिया केंद्र गुवाहाटी संगीत नाटक अकादमी की परियोजना का एक हिस्सा है, जो सत्तरिया नृत्य, संगीत, रंगमंच और उससे जुड़ी परम्पराओं के प्रचार-प्रसार के लिए काम करता है. इन सभी की शानदार प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शक श्रोताओं का मन मोह लिया.
विभिन्न नृत्य शैलियों में कुल 23 प्रमुख प्रस्तुतियां होंगी
इस समारोह में पद्म पुरस्कार विजेता, संगीत नाटक अकादमी सम्मानित कलाकारों के साथ‑साथ कई नई प्रतिभाओं को भी मंच पर प्रस्तुति का मौका दिया गया है. विभिन्न नृत्य शैलियों में यहां 26 फरवरी तक कुल 23 प्रमुख प्रस्तुतियां होंगी. पहले दिन कोलकाता की पद्मश्री ममता शंकर ने कथक नृत्य की प्रस्तुति दी. इसके अलावा चेन्नई से पहुंची अनुराधा वेंकटरमन ने भरतनाट्यम और मुंबई से पहुंची शुभदा वराडकर ने ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति दी.

बच्चों के लिए पहली बार राष्ट्रीय बाल नृत्य महोत्सव का आयोजन
मुख्य कार्यक्रम के साथ पहली बार राष्ट्रीय बाल नृत्य महोत्सव 2026 का भी आयोजिन किया गया है. 21 से 26 फरवरी तक यहां 10 से 16 साल के 31 युवा कलाकारों का चयन किया गया है. यह कलाकार हर दिन दोपहर 4 बजे से अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे.
21 फरवरी को शाम 6.30 बजे होंगी ये प्रस्तुतियां
समारोह के दूसरे दिन 21 फरवरी 2026 को शाम 6:30 बजे से दिल्ली के विश्वदीप कथक नृत्य की प्रस्तुति देंगे. इसके बाद झारखंड के प्रभात मेहतो छाऊ नृत्य और कजाकिस्तान की अक्मारल काइनारोवा भरतनाट्यम की प्रस्तुति देंगी.

मुख्यमंत्री ने समारोह की वर्चुअली की शुरुआत
समारोह की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि "सरकार विविध कलाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. भगवान नटराज को समर्पित देवालयों की पावन धरा खजुराहो में आयोजित खजुराहो नृत्य समारोह हमारी समृद्ध राष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है. 7 दिवसीय इस भव्य नृत्य महोत्सव में देश के स्वनामधन्य कलाकार अपनी अद्वितीय प्रस्तुतियों से भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा को नई ऊंचाइयां प्रदान करेंगे. मुख्यमंत्री ने समारोह में पहुंचे देश-विदेश के प्रतिष्ठित कलाकारों और नृत्य शैलियों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया."
भगवान नटराज को समर्पित देवालयों की पावन धरा खजुराहो में आयोजित खजुराहो नृत्य समारोह हमारी समृद्ध राष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) February 20, 2026
7 दिवसीय इस भव्य नृत्य महोत्सव में देश के स्वनामधन्य कलाकार अपनी अद्वितीय प्रस्तुतियों से भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा को नई ऊँचाइयाँ प्रदान… pic.twitter.com/1N0T5jQvNx
भगवान नटराज की थीम पर आयोजित है 52वां फेस्टिवल
इस साल का 52वां खजुराहो नृत्य समारोह भगवान नटराज को समर्पित है. संस्कृति विभाग को आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि "यह समारोह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों ही स्तर पर महत्वपूर्ण है. भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को भगवान शिव से जोड़ने का यह अनूठा प्रयास है."

बुंदेली व्यंजन के साथ एडवेंचर और प्रदर्शनी
समारोह स्थल के पास एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है जो आकर्षण का केंद्र है. प्रदर्शनी में 50 से ज्यादा शिल्पियों सहित 188 स्टाल लगाए गए हैं. इसके अलावा चंदेरी-महेश्वरी साड़ियों और जूट शिल्प की प्रदर्शनी भी लगाई है. देश-विदेश के पर्यटकों को लुभाने के लिए बुन्देली व्यंजन के भी स्टाल भी यहां लगाए गए हैं. इसमें यहां पहुंचने वाले दर्शक-श्रोता दाल-बाफले और बुंदेलखंडी खान-पान का मजा ले सकेंगे. पर्यटकों के लिए हॉट एयर बैलून राइड, नाइट सफारी, कैंपिंग और वाटर स्पोर्ट्स जैसी कई रोमांचक गतिविधियां भी उपलब्ध हैं.
शुभारंभ अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, अपर मुख्य सचिव संस्कृति शिव शेखर शुक्ला, खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा, राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया, संस्कृति निदेशक एनपी नामदेव सहित कला जगत की कई जानी मानी हस्तियां मौजूद रहीं. इस दौरान बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी मौजूद रहे.

