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छतरपुर में मुंह पर काली पट्टी बांध कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान, पटवारियों के कारनामे खोले

छतरपुर कलेक्टर को दी शिकायत में किसानों ने आरोप लगाया कि उनके साथ कई साल से धोखाधड़ी. उनके हक की राहत राशि की बंदरबांट.

Chhatarpur frauds with farmers
छतरपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने खोले पटवारियों के कारनामे (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 7, 2026 at 1:33 PM IST

3 Min Read
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छतरपुर : प्राकृतिक आपदा से पीड़ित किसानों को सरकार द्वारा दी गई सहायता राशि पटवारियों ने डकार ली. ये राशि किसानों के खातों में ना डालकर पटवारियों ने अपने रिश्तेदारों के खाते में भेज दी. मामला सूखा और अतिवृष्टि राहत राशि वितरण में हुए घोटाले का है. आरोप है कि पटवारियों ने फर्जी खातों में राशि ट्रांसफर कर घोटाला किया. किसान आज भी अपने हक के लिए भटक रहे हैं. परेशान किसान मुंह पर काली पट्टी बांधकर कलेक्टर से मिलने पहुंचे.

पटवारियों ने अफसरों के साथ की मिलीभगत

मंगलवार को काशीपुरा गांव से दर्जनों किसान मुंह पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करने पहुंचे. इनके साथ आई कांग्रेस नेत्री दीप्ती पाण्डेय ने किसानों की आपबीती बताई. उनका कहना है "किसान लंबे समय से परेशान हैं. कोई सुनवाई नही हो रही थी तो किसानों ने मोर्चा खोल दिया. किसान रामदयाल कुशवाहा ने बताया वर्ष 2017-18 में उनके हक का पैसा अधिकारियों और पटवारियों ने मिलीभगत कर दूसरो के खातों में डाल दिया, जिसकी पुष्टि कैग रिपोर्ट में हो चुकी है."

छतरपुर में मुंह पर काली पट्टी बांध कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान (ETV BHARAT)

किसानों के हक की राशि की बंदरबांट

धोखाधड़ी का शिकार हुए किसान हल्लू अहिरवार ने बताया "उनके हिस्से के 9 हजार रुपये किसी और के खाते में भेज दिए गए. किसान घनश्याम दास कुशवाहा के 5 हजार रुपये भी हड़प लिए गए. काशीपुर गांव के रामदयाल कुशवाहा, हरप्रसाद और गनेशी बाई जैसे अनेक किसान आज भी अपने हक की राशि के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं. कोई सुनवाई नही हो रही है."

आरोप - पटवारियों ने अफसरों के साथ की मिलीभगत (ETV BHARAT)

राशि हड़पने के लिए कई स्तर पर किए खेल

किसानों के साथ धोखाधड़ी करने के लिए कई स्तरों पर गड़बड़ी की गई. जैसे फसल नुकसान, बिना वास्तविक नुकसान के मुआवजा बांटा गया, मृत्यु सहायता- फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र और बैंक खातों के आधार पर राशि निकाली गई. पशुधन क्षति बिना पशु चिकित्सक की पुष्टि के भुगतान कर दिया गया. मकान क्षति ऐसे लोगों को राशि दी गई जिनके मकान का नुकसान हुआ ही नहीं.

Chhatarpur frauds with farmers
किसान के हक की राशि की बंदरबांट, कलेक्टर से शिकायत (ETV BHARAT)

जांच कमेटी की भूमिका पर भी सवाल

कांग्रेस नेत्री दीप्ती पाण्डेय ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा "इस घोटाले की जांच के लिए कलेक्टर द्वारा 22 सितंबर 2025 को 3 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी, जिसे 15 दिन में रिपोर्ट देनी थी, लेकिन 3 महीने बीत जाने के बाद भी जांच कमेटी कुछ नही कर पाई. ऐसे घोटाले केवल एक-दो गांव तक सीमित नहीं हैं."

कई गांवों में किसानों के साथ धोखाधड़ी का आरोप

कांग्रेस नेत्री दीप्ती पाण्डेय का कहना है "छतरपुर तहसील के नंदगॉयखुर्द, खैरों, पापटा, लुंदवास, मानपुरा और बिहारीगंज सहित लगभग 50 से अधिक गांवों के पटवारी हल्कों में इसी तरह फर्जी भुगतान किए गए हैं."

डिप्टी कलेक्टर विशा माधवानी ने बताया "अभी आवेदन मिला है. इस मामले की जांच पहले से चल रही है, जो जांच रिपोर्ट 4 से 5 साल पहले आई थी, उसमें कार्रवाई हुई है. इस मामले में जांच का फॉलोअप लेकर जो भी तथ्य होंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी."