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बाबा बागेश्वर की दिमागी फितूर निकालने की क्लास, ऑस्ट्रेलिया अमेरिका से आए साइंटिस्ट

छतरपुर के बागेश्वर धाम में लगा ऊर्जा संचय शिविर, धीरेंद्र शास्त्री ने टेंशन फ्री जीवन जीने की दी शिक्षा, देश-विदेश से आए साधक और वैज्ञानिक.

CHHATARPUR ENERGY CONSERVATION CAMP
ऊर्जा संचय शिविर में ध्यान करते बागेश्वर महराज (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : November 22, 2025 at 1:59 PM IST

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Updated : November 22, 2025 at 2:06 PM IST

4 Min Read
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छतरपुर: बागेश्वर धाम में 21 नवंबर से 23 नवंबर तक 3 दिवसीय ऊर्जा संचय शिविर की आयोजन हो रहा है. इस शिविर में इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, नेपाल सहित कई देशों के साधक और वैज्ञानिक सम्मिलित हुए हैं. बागेश्वर धाम में यह पांचवा ऊर्जा संचय शिविर आयोजित हुआ है. इसमें बागेश्वर महाराज मस्तिष्क में व्याप्त जहर को निकालने की कला सिखाते हैं. साथ ही स्वस्थ और टेंशन फ्री जीवन जीने की शिक्षा देते हैं. शिविर में आए साधक साधना में लीन हैं, तो वैज्ञानिक आत्मज्ञान का परीक्षण कर रहे हैं.

अपने आप में अनूठा होता है यह शिविर

ऊर्जा संचय शिविर की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में होती है. अत्यंत शांत और प्राकृतिक वातावरण में शुरू हुआ शिविर साधकों को अत्यंत सुख देने वाला है. शिविर के माध्यम से बागेश्वर महाराज प्राचीन योग, ध्यान और पौराणिक ज्ञान से लोगों को जोड़ते हैं. भगवान राम राजा के फोटो के सामने दीप प्रज्वलित कर शिविर की शुरुआत की गई. इस शिविर में 73 परिवार शामिल हो रहे हैं. यह शिविर अपने आप में अनूठा होता है. जहां एक ओर साधक साधना में लीन हैं, तो वहीं दूसरी ओर वैज्ञानिक अपने रिसर्च के लिए जुट रहे हैं. वहीं, कई लोग भक्ति और शांति की तलाश में डूबे हुए हैं.

धीरेंद्र शास्त्री ने टेंशन फ्री जीवन जीने की दी शिक्षा (ETV Bharat)

गौशाला से हुई थी ऊर्जा संचय शिविर की शुरुआत

बागेश्वर धाम की गौशाला में ऊर्जा संचय शिविर की शुरुआत हुई. इससे पहले ऋषिकेश, कटनी, रामनगर, नैनीताल में आयोजित होने के बाद फिर से 5वीं बार इसी गौशाला में शिविर लगाया गया है. 3 दिवसीय शिविर पूर्ण होने के बाद महाराज सभी साधकों को 62 दिनों तक घर पर साधना जारी रखने की सलाह देंगे, ताकी शिविर में प्राप्त प्रभाव दीर्घकाल तक बना रहे.

Meditation Camp Bageshwar Dham
अपने आप में अनूठा होता है यह शिविर (ETV Bharat)

पांच चरणों में होगी साधना

जीवन की आपा धापी में शांति की तलाश करने वाले लोग ऐसे शिविरों में आते हैं. जैसा कि शिविर का नाम है ऊर्जा संचय. 3 दिनों तक साधक शक्ति अर्जित करने का प्रयास करेंगे. बागेश्वर महाराज के सानिध्य में पहले दिन हनुमान जी के बीज मंत्र का अभ्यास कराते हुए 5 चरणों पर ध्यान देने की बात कही गई. बंधन खोलने के लिए मार्ग पथ शोधन पहला चरण है. दूसरा चरण निर्विचार साधना, तीसरा चरण कु-विचारों को बाहर फेंकने के लिए विकार मुक्त, चौथा चरण नाभि से हूं का उच्चारण और पांचवां चरण त्राटक है.

Chhatarpur Energy conservation camp
शिविर में शामिल हुए देश विदेश से साधक और वैज्ञानिक (ETV Bharat)

इन नियमों का करना होगा पालन

शिविर के कुछ नियम हैं, जिनके मुताबिक साधकों को कम बोलना है और जहां तक संभव हो एकांत में रहने की सीख दी जा रही है. मोबाइल का कम से कम उपयोग करना, ब्रह्मचर्य का पालन करना, आहार शुद्धि यानी भोजन केवल उतना ही ले जितना आवश्यक हो, अत्यधिक भोजन साधना में बाधक बनता है. संकल्प लें कि जो प्राप्त करने आए हैं वह प्राप्त करके जाएं, खाली हाथ न लौटें. कुछ पाने के लिए जो रास्ता दिखाया जा रहा है. उस पर चलने का संकल्प लेना है. समय का सदुपयोग करना और आने वाले 5-10 वर्षों में क्या करने की लालसा है. उस पर भी विचार करना यह शिविर का उद्देश्य है.

Scientists Bageshwar Dham
शिविर में साधना करते साधक (ETV Bharat)

'शांति कही और नहीं हमारे अंदर ही है'

बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, "एक बात तो तय है. पूरे ब्रह्माण्ड में शांति और आनंद कहीं बाहर नहीं है. ना साधनों में ना व्यवस्थाओं में, शांति अंदर है, पूरे जीवन भर व्यक्ति मृग की तरह कार्य करता है, जो खुशबू उसके नाभि में होती है. उसकी तलाश में वह भटकता है और वह भूल जाता है कि यह खुशबू कहीं और से नहीं उसकी नाभि से आ रही है. शांति कहीं और नहीं हमारे अंदर ही है."

Last Updated : November 22, 2025 at 2:06 PM IST