बाबा बागेश्वर ने कान में फूंकी मंत्रों की शक्ति, 11,000 भक्तों ने एक साथ सुनी सत्यनारायण कथा
बागेश्वर धाम में सत्यनारायण की कथा का आयोजन, 11 हजार भक्तों ने एकसाथ सुनी कथा, धीरेंद्र शास्त्री ने कानों में मंत्र फूंककर दी दीक्षा.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 4, 2026 at 5:15 PM IST
|Updated : January 4, 2026 at 5:21 PM IST
छतरपुर: देश के चर्चित कथा वाचक और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री इस समय धाम पर अपने भक्तों को सत्यनारायण की कथा सुनाकर भगवान की लीलाओं से अवगत करा रहे हैं. कथा सुनने के लिए धाम पर देश दुनिया भर के भक्तों का जमावड़ा लगा है. बाबा ने अपने 500 यजमानों के कानों में मंत्र फूंक कर दीक्षा दी और उनको जीवन जीने का सही मार्ग बताया है.
बागेश्वर धाम में सत्यनारायण कथा का आयोजन
बुंदेलखंड के पर्ची वाले बाबा के नाम से मशहूर बाबा बागेश्वर इन दिनों धाम पर सत्यनारायण कथा का भव्य आयोजन कर रहे हैं. इस दौरान बाबा धीरेन्द्र शास्त्री ने 500 लोगों को दीक्षा दिलाई. लगभग 11,000 श्रद्धालुओं ने हाथों में अक्षत चावल लेकर सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी. यह पहला आयोजन था जिसमें एक साथ 11,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने एक स्थान पर बैठकर कथा सुनी.
इस कथा में बाबा विश्वनाथ के प्रधान पुजारी श्रीकांत मिश्र परिवार सहित पहुंचे. उनके द्वारा कथा के प्रारंभ में मंत्रोच्चार और विराम में हवन के मंत्रोच्चार किया गया. बाबा बागेश्वर कहते हैं, ''यह भारतवर्ष की पहली भगवान सत्यनारायण की कथा होगी, जिसमें एक साथ कई हजार श्रद्धालुओं ने 50,000 वर्ग फीट में बने तीन शेड में बैठकर हाथों में अक्षत चावल लेकर कथा का रसपान किया होगा.''

सत्य के मार्ग पर चलने का दिलाया संकल्प
सत्यनारायण की कथाएं सनातन परंपरा में अपने घर, प्रतिष्ठा एवं अन्य शुभ कार्य सफल होने पर करवाई जाती है. जिसमें सामान्यतः परिवार के सदस्य और परिचित लोग उपस्थित होते हैं. संभवतः यह पहली कथा होगी जिसमें हज़ारों की संख्या में अक्षत चावल लेकर भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी गई. इस दौरान महाराज बाबा बागेश्वर ने सत्य के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और श्रद्धालुओं से सत्य बोलने व सत्य के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान भी किया.

बाबा ने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि, ''जीत भीड़ से नहीं, बल्कि भगवान से होती है और पूरी धरती सत्य पर टिकी हुई है.'' वहीं, बाबा बागेश्वर अपने भक्तों को भक्ति गीत सुनाकर खुद झूमे और भक्तों को भी कथा का रसपान कराया और झूमने पर मजबूर किया. भीषण ठंड भी भक्तों का जोश कम नहीं कर पाई.

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क्या बोले बाबा बागेश्वर
बाबा बागेश्वर कहते हैं, ''यह पूरे भारत वर्ष में पहली बार हुआ होगा कि, एक साथ हजारों भक्तों ने सत्यनारायण कथा को सामूहिक सुना होगा. सत्यनारायण कथा सुनने से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं. जीवन के कष्टों और दरिद्रता का नाश होता है. घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है. व्यक्ति को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है. जिससे आत्म-शुद्धि और मानसिक शांति मिलती है, यह कथा भगवान विष्णु के सत्य स्वरूप की पूजा है. जिसके श्रवण मात्र से हजारों यज्ञों के बराबर फल मिलता है और पाप नष्ट होते हैं.''

