छतरपुर में आबकारी विभाग के एक्शन से हड़कंप, शराब की 20 बड़ी दुकानों के ठेके कैंसिल
आबकारी ठेकेदारों ने समय पर नही चुकाई ड्यूटी. खजुराहो-हरपालपुर की करीब 120 करोड़ की शराब दुकानों पर लगा ताला. अब फिर से लगेगी बोली.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 2, 2026 at 6:08 PM IST
छतरपुर: छतरपुर आबकारी विभाग ने बड़े शराब ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के 20 बड़ी शराब दुकानों के ठेके रद्द कर दिए हैं. ठेकेदारों द्वारा समय पर ड्यूटी फीस जमा नहीं करने पर जिला आबकारी विभाग ने यह कदम उठाया है. आबकारी विभाग ने इन दुकानों का लाइसेंस निरस्त कर नए सिरे से नीलामी प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है. तब तक आबकारी विभाग अब ये दुकाने खुद चलाएगा. इस कार्रवाई से शराब ठेकेदारों में हड़कंप की स्थिति बन गई है.
आबकारी अधिकारी अमृता जैन कहती हैं, ठेकेदार द्वारा निर्धारित राजस्व जमा नहीं किए जाने से विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. ठेकेदार को कई बार नोटिस जारी किए जा चुके थे, लेकिन भुगतान नहीं किया जा रहा था जिसको लेकर दुकानों पर ताला लगाना पड़ा.
इस निर्णय से जो 20 दुकानें प्रभावित हुई हैं, उनमें राजनगर, खजुराहो, बमीठा, गंज बसारी, चंद्रनगर, टौरिया टेक और गठेवरा-सारंगपुर और हरपालपुर क्षेत्र की दो अन्य प्रमुख दुकानें भी इस कार्रवाई के दायरे में आई हैं. इनसे करीब 120 करोड़ रुपये का सरेंडर किया गया है.
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यह शराब दुकान पहले छत्रसाल बेवरेज और भोले विश्वनाथ एसोसिएट के द्वारा चलाई जाती थीं. जिनको विभाग से लाइसेंस मिला था. लेकिन समय पर ड्यूटी नहीं चुकाने पर लाइसेंस विभाग ने निरस्त कर दिया है. ये दुकानें शहर के चर्चित शराब कारोबारी नवीन पांडे और प्रवीण पांडे के नाम पर थीं. कंपनी की स्थिति खराब होने के कारण कारोबार घाटे की स्थिति में पहुंच गया था.

पहली बार बने हैं तीन माह के अंदर दोबारा ऑक्शन के हालात
छतरपुर जिले के इतिहास में पहली बार लाइसेंस फीस बकाया होने के कारण टेंडर के तीन माह के अंदर दोबारा ऑक्शन के हालात बन गए हैं. आबकारी विभाग की तरफ से शराब कारोबारी नवीन पांडेय को नोटिस जारी कर दुकानों की ड्यूटी जमा करने को कहा जा रहा था. इसके बाद भी निर्धारित समय सीमा में ड्यूटी का भुगतान नहीं किया. जिसके चलते जून में ड्यूटी जमा नहीं होने के कारण आबकारी अधिकारी ने शराब दुकानों का लाइसेंस निरस्त कर दिया.

जिला आबकारी अधिकारी अमृता जैन ने कहा, "लाइसेंसी द्वारा निर्धारित समय सीमा में ड्यूटी का भुगतान नहीं किए जाने के कारण 20 कंपोजिट दुकानों का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई है. आबकारी विभाग ने ठेकेदार नवीन पांडे, प्रवीण पांडे की छतरपुर की 18 शराब दुकानों का लाइसेंस निरस्त किया है जो छत्रसाल बेवरेज, भोले विश्वनाथ एसोसिएट ने नाम पर चल रही थीं. वहीं हरपालपुर ठेकेदार राजेश कुमार दुबे की 2 दुकानें भी निरस्त हुई हैं."

