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कूनो नेशनल पार्क से भागकर राजस्थान पहुंचा चीता, देखने वालों का लगा हुजूम, वन विभाग कर रहा मॉनिटरिंग

भारत में जन्मा है केपी-2 चीता, 100 मीटर दूर से वन विभाग की टीम कर रही निगरानी, पहले भी जा चुका है राजस्थान सीमा में

KUNO CHEETAH KP2 IN RAJASTHAN
वन विभाग की टीम हुई एक्टिव, चीते पर रख रहे नजर (Getty Images & Etv Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 27, 2026 at 5:50 PM IST

3 Min Read
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रिपोर्ट : धीरज कुमार

श्योपुर : मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से KP-2 चीता एक बार फिर राजस्थान के बारां जिले की सीमा में पहुंच गया है. इस बार उसकी लोकेशन राजस्थान के बारां जिले के मांगरोल रेंज से सामने आई है. चीता का पहले सड़क किनारे और फिर बीच सड़क पर चहलकदमी करते हुए वीडियो सामने आया है, जिससे दोनों ओर वाहन की कतार लग गई. चीते को देख कई ग्रामीण घबरा का दबे पांव लौट गए तो वहीं, कुछ वाहन चालक इसका वीडियो बनाने लगे. कुछ देर बाद KP-2 चीता मोरेडी के जंगल की ओर जाता नजर आया.

वन विभाग की टीम हुई एक्टिव, चीते पर रख रहे नजर

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक KP-2 चीता के सीमा से बाहर जाने का ये पहला मूवमेंट नहीं है. बल्कि कूनो नेशनल पार्क से वह कई बार निकलकर राजस्थान की सीमा में जा चुका है. इसके बाद वह वापस कूनो नेशनल पार्क की सीमा में भी आ चुका है. उन्होंने बताया कि चीते का स्वाभाविक व्यवहार है कि वह नए इलाके में अपना समय बिताने के बाद सुरक्षित अपनी सीमा में वापस लौट आते है. चीतों के लिए नया और अनुकूल क्षेत्र तलाशने की यह प्रवृति प्राकृतिक विस्तार का हिस्सा मानी जाती है.

कूनो नेशनल पार्क से भागकर राजस्थान पहुंचा चीता (Etv Bharat)

भारत में जन्मा है केपी-2 चीता

केपी-2 श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में जन्मा एक चीता है, वह मादा चीता आशा का शावक है. केपी-2 की मां आशा को अफ्रीका से लाकर कूनो नेशनल पार्क में बसाया गया था. आशा ने सबसे पहले तीन शावकों को जन्म दिया था. केपी-2 की उम्र लगभग ढाई साल है, और इसका जन्म श्योपुर जिले में ही हुआ था. केपी-2 चीता कूनो के जंगलों में ही पला-बढ़ा है और अब अपनी लंबी दूरी की आवाजाही के साथ अपना स्वतंत्र क्षेत्र तलाशने की प्रक्रिया में है.

Cheetah Reaches Rajasthan from MP
कूनो नेशनल पार्क से भागकर राजस्थान पहुंचा चीता (Etv Bharat)

100 मीटर दूर से वन विभाग की टीम कर रही निगरानी

वन विभाग के मुताबिक, पिछले तीन दिनों से केपी-2 ने कोई शिकार नहीं किया है. वह खेतों और पार्वती नदी किनारे के जंगलों में लगातार घूम रहा है. जहां भी उसकी लोकेशन मिलती है, वहां उसकी ट्रैकिंग की जा रही है. उसकी निगरानी 50 से 100 मीटर की सुरक्षित दूरी से की जा रही है. वन विभाग की मॉनिटरिंग टीम उसे लगातार ट्रैक कर रही है.

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चीता प्रोजेक्ट डायरेक्टर उत्तम शर्मा ने बताया, '' KP-2 चीता पूरी तरह से स्वास्थ है. उसकी हर गतिविधि पर कूनो नेशनल पार्क की ट्रैकिंग टीम निगरानी बनाए रखे हुए है. फिलहाल वह किसी भी प्रकार का खतरा पैदा नहीं कर रहा है. इसलिए उसे ट्रैंकुलाइज करने की भी अवश्यकता नहीं है.''