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कार पलटने पर सड़क से रगड़कर कान सहित गाल हो गया था गायब, प्लास्टिक सर्जरी से मिला युवक को नया जीवन

चिकित्सकों के अनुसार यदि हड्डी खुली रह जाती है, तो उसमें इन्फेक्शन और सेप्टीसीमिया आसानी से हो जाता है, जो जानलेवा है.

Young man in hospital after surgery
सर्जरी के बाद अस्पताल में युवक (ETV Bharat Ajmer)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 21, 2026 at 3:35 PM IST

4 Min Read
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अजमेर: एक सड़क दुर्घटना में एक कार तेज रफ्तार से पलट गई थी. इस घटना में कार की पिछली सीट पर बैठे युवक का चेहरा सड़क से बुरी तरह रगड़ खा गया. इससे युवक का का बायां गाल और कान पूरी तरह डेमेज हो गए. इस हिस्से में केवल हड्डियां दिख रही थी. ऐसे में मरीज के प्राण बचाने के साथ–साथ उसके चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी करना काफी जटिल हो गया था. इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक करके मरीज को नया जीवन देने का काम अजमेर संभाग के सबसे बड़े जेएलएन अस्पताल में प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने करके दिखाया. ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है. हालांकि 4 माह बाद मरीज के बाएं कान को प्लाटिक सर्जरी से बनाया जाएगा.

पिछली सीट पर सो रहा था युवक: अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में विभागाध्यक्ष डॉ नेपो विद्यार्थी ने अपने हुनर से मरीज को नया जीवन देने के साथ चेहरे के बाएं हिस्से की गायब हुई चमड़ी को ठीक कर दिया है. डॉ नेपो विद्यार्थी बताते हैं कि बूंदी निवासी आकाश स्कॉर्पियो कार की पिछली सीट पर सो रहा था. इस दौरान तेज रफ्तार कार पलट गई थी. इस हादसे में युवक का गाल सड़क से घिसकर पूरा खत्म हो गया था. युवक के चेहरे का बाएं हिस्सा कान समेत गायब हो गया था.

चिकित्सक ने बताया कितनी मुश्किल थी सर्जरी, देखें वीडियो (ETV Bharat Ajmer)

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स्कैल्प फोरहेड फ्लैप सर्जरी: डॉ विद्यार्थी बताते हैं कि यदि हड्डी खुली रह गई, तो उसमें इन्फेक्शन और सेप्टीसीमिया आसानी से हो जाता है और मरीज की जान भी जा सकती है. अस्पताल में सीमित संसाधनों में जटिल सर्जरी करने का निर्णय लिया गया. उन्होंने बताया कि इस सर्जरी को स्कैल्प फोरहेड फ्लैप सर्जरी कहते हैं. इसमें ललाट की स्किन को निकालकर चेहरे के बाई हिस्से में लगाया गया. वहीं बाल के लिए सिर की चमड़ी निकालकर लगाई गई. यह काफी जटिल सर्जरी थी. इसमें ऑपरेशन के दौरान मरीज की जान भी जा सकती है. इसमें खून काफी बहता है. इस ऑपरेशन में खून की नसों और मांस को भी जोड़ा जाता है.

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चार माह बाद बनाया जाएगा कान: उन्होंने बताया कि मरीज की जान तो बच गई और प्लास्टिक सर्जरी भी सफल रही. मरीज का कान अभी गायब है, जिसको 4 माह बाद बनाया जाएगा. डॉक्टर विद्यार्थी ने बताया कि यह डिटेल ऑपरेशन में चार से पांच घंटे का समय लगता है, लेकिन विशेष प्रशिक्षण मुंबई में लिया था जिसका फायदा मिला. डेढ़ घण्टे में मरीज का ऑपरेशन कर दिया गया. मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है और अब अस्पताल से अपने घर जा रहा है.

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एनेस्थीसिया टीम की भी रही विशेष भूमिका: अस्पताल अधीक्षक डॉ अरविंद खरे ने बताया कि मरीज के सिर से चमड़ी को लेकर वापस गाल की जगह लगाया गया. इसमें मरीज को किसी तरह का इंफेक्शन नहीं हुआ. श्वास की नली को वेंटीलेटर पर रखना, पोस्ट ऑपरेशन मरीज को दर्द ना हो इसलिए इंजेक्शन देना, ऑपरेशन के दौरान मरीज पर पूरी निगरानी रखना. इसमें एनेस्थीसिया टीम की अहम भूमिका थी. डॉ खरे ने बताया कि अस्पताल में जटिल प्लास्टिक सर्जरी बिल्कुल निशुल्क हुई है. प्राइवेट अस्पताल में इस तरह की जटिल सर्जरी करवाने का खर्च करीब पांच लाख रुपए आता है. मरीज एकदम स्वस्थ है और आज मरीज को डिस्चार्ज भी किया जा रहा है.