सीएचबी मकानों में राहत की उम्मीद, "नीड-बेस्ड चेंजेज" को अंतिम मंजूरी का इंतजार
सीएचबी की “नीड-बेस्ड चेंजेज” नीति को अंतिम मंजूरी का इंतजार है. इससे हजारों परिवारों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है.

Published : February 13, 2026 at 12:08 PM IST
चंडीगढ़: चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के मकानों में रहने वाले हजारों परिवारों के लिए राहत की खबर है. 2023 में तैयार की गई ‘नीड-बेस्ड चेंजेज’ नीति को लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुँच गई है. बस अब प्रशासक गुलाब चंद कटारिया की अंतिम मंजूरी बाकी है.
लगभग 40 हजार घर प्रभावित: सीएचबी के करीब 62 हजार मकानों में से लगभग 40 हजार घरों में लोग अपनी जरूरत के अनुसार छोटे-मोटे बदलाव कर चुके हैं, जैसे अतिरिक्त शेड, कमरे में बदलाव या अन्य सुविधाएँ. पहले ये बदलाव नियमों के तहत उल्लंघन माने जाते थे. अगर नई नीति को मंजूरी मिलती है, तो इन बदलावों को वैध किया जा सकता है.
नीति की समीक्षा पूरी: प्रशासक के निर्देश पर बनाई गई कमेटी ने 2023 की नीति की समीक्षा कर रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि नीति लागू करने में जो दिक्कतें थीं, उन्हें दूर कर लिया गया है. अब नियमों के दायरे में किए गए जरूरी बदलाव ही मान्यता प्राप्त करेंगे.
सरकारी जमीन और सोलर प्लांट: सरकारी जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को नियमित नहीं किया जाएगा. वहीं, सभी मकानों की छतों पर सोलर पावर प्लांट लगाना संभव नहीं है, इसलिए इस पर अलग निर्णय लिया जाएगा. इंडिपेंडेंट मकानों से जुड़ी सिफारिशें फिलहाल रोक दी गई हैं.
अंतिम मंजूरी का इंतजार: अगर नीति को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो लंबे समय से चल रहे उल्लंघन विवाद को समाप्त किया जा सकता है और हजारों परिवारों को राहत मिल सकती है. अब सभी की नजर प्रशासक के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है.
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