शिवरात्रि महोत्सव में सजी ‘चौहटे री जातर’, देव दर्शनों को उमड़ा जनसैलाब
छोटी काशी मंडी में आज देव समागम, चौहटा बाजार में विराजे सभी देवी-देवता.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 22, 2026 at 2:00 PM IST
मंडी: छोटी काशी मंडी में पिछले सात दिनों से चल रहे ऐतिहासिक देव समागम का आज विधिवत समापन होने जा रहा है. समापन से पहले मंडी शहर के चौहटा बाजार में सभी देवी-देवताओं के इकट्ठा होने से आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. देव दर्शनों और देव आशीर्वाद के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा. मंडी में सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार शिवरात्रि के आखिरी दिन सभी देवी-देवता चौहटा बाजार में विराजते हैं, जिसे स्थानीय बोली में ‘चौहटे री जातर’ कहा जाता है.
देव कमरूनाग भी पहुंचे चौहटा बाजार
आज का दिन उन श्रद्धालुओं के लिए विशेष माना जाता है, जो सप्ताह भर किसी कारणवश देव दर्शन नहीं कर पाते, वे आज के दिन चौहटा पहुंचकर दर्शन करते हैं. आठ दिनों से टारना माता मंदिर में विराजमान देव कमरूनाग भी आज सीधे चौहटा बाजार पहुंचे और इसके बाद सेरी चाणनी परिसर में विराजने के बाद अपने भक्तों के घरों की ओर प्रस्थान करेंगे. इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने भी देवी-देवताओं के समक्ष शीश नवाया. स्थानीय निवासियों ने इसे मंडीवासियों के लिए सौभाग्य का क्षण बताया, जब एक साथ अनेक देवी-देवताओं के दर्शन और आशीर्वाद का अवसर मिलता है.
"आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का अनूठा अनुभव"
‘चौहटे री जातर’ के बाद ज्यादातर देवी-देवता सीधे अपने मूल निवास स्थानों की ओर लौट जाते हैं, जबकि कुछ प्रमुख देवी-देवता अंतिम शाही जलेब में भाग लेने के बाद प्रस्थान करते हैं. देव मगरू महादेव के देवलुओं ने बताया कि सप्ताह भर की पैदल यात्रा के पश्चात वे अपने मूल स्थान पहुंचेंगे. उन्होंने कहा कि हर साल शिवरात्रि में शामिल होना सभी लोगों को आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का अनूठा अनुभव कराता है.

