चरखी दादरी बौंद कलां टीचर मर्डर केस: इनामी बदमाश अमरजीत गिरफ्तार, पुलिस मुठभेड़ में पैर टूटा
चरखी दादरी बौंद कलां टीचर हत्याकांड में पुलिस ने 25 हजार इनामी आरोपी अमरजीत को गिरफ्तार कर लिया है.

Published : May 25, 2026 at 4:00 PM IST
चरखी दादरी: चरखी दादरी के बहुचर्चित बौंद कलां टीचर हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. अपराध शाखा और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश अमरजीत उर्फ मोनू को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी हत्या, रंगदारी, लूट और डकैती सहित 11 से अधिक संगीन मामलों में वांछित था. हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी थी. आरोपी हिसार कोर्ट से उद्घोषित अपराधी भी घोषित किया जा चुका था.
पुरानी रंजिश में की हत्या: इस पूरे मामले में डीएसपी कप्तान सिंह ने कहा कि, "10 मई की रात पुरानी रंजिश के चलते बौंद कलां निवासी शिक्षक ललित की गोली मारकर हत्या की गई थी. वारदात के बाद पुलिस की कई टीमें लगातार अलग-अलग राज्यों में दबिश देकर आरोपियों की तलाश कर रही थीं. पुलिस जांच में अमरजीत का नाम मुख्य शूटर के रूप में सामने आया था."
कलियाणा पहाड़ पर भागने की कोशिश: डीएसपी कप्तान सिंह ने आगे कहा कि, "पूछताछ के दौरान आरोपी अमरजीत ने खुलासा किया कि वारदात में इस्तेमाल हथियार उसने कलियाणा पहाड़ की झाड़ियों में छिपा रखे हैं. पुलिस जब आरोपी को हथियार बरामदगी के लिए पहाड़ पर लेकर पहुंची तो उसने अचानक पुलिस को धक्का देकर पहाड़ी से छलांग लगा दी और भागने लगा. पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर जवाबी कार्रवाई की. भागने के प्रयास के दौरान आरोपी का पैर टूट गया, जिसके बाद उसे दोबारा काबू कर लिया गया.हत्याकांड में शामिल अन्य शूटरों और साजिशकर्ताओं की पहचान कर ली गई है. उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा."
घुटनों के बल बाजार में घुमाया गया: गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को शहर के मुख्य बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लेकर पहुंची. इस दौरान आरोपी को घुटनों के बल चलाया गया. आरोपी को देखने के लिए बाजारों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
विदेशी पिस्तौल और कारतूस बरामद: पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक विदेशी निर्मित ब्रेटा पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. घायल आरोपी को पहले अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया गया, जिसके बाद अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया.
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