चंद्र ग्रहण और भद्रा का असर, शिमला में होली की खरीदारी पड़ी फीकी
होली से पहले चंद्र ग्रहण लगने की वजह से शिमला के बाजारों में खरीदारी फीकी पड़ी हुई है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : March 2, 2026 at 6:13 PM IST
|Updated : March 2, 2026 at 11:17 PM IST
शिमला: इस बार होली से पहले बाजारों में वो रौनक नजर नहीं आ रही, जो आमतौर पर त्योहार से कई दिन पहले दिखने लगती है. स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, चंद्रग्रहण और होलिका दहन के समय को लेकर असमंजस की स्थिति के कारण लोग अभी खुलकर खरीदारी नहीं कर रहे हैं.
लोअर बाजार, लक्कड़ बाजार और माल रोड में रंग, पिचकारी और होली से जुड़े सामान की बिक्री पिछले वर्षों के मुकाबले कम बताई जा रही है. दुकानदारों का कहना है कि आमतौर पर होली से एक हफ्ता पहले बाजारों में अच्छी भीड़ देखने को मिलती है, लेकिन इस बार लोग अंतिम समय का इंतजार कर रहे हैं.
पहली बार बाजार में आई इलेक्ट्रॉनिक होली गन
इस बीच होली के बाजार में एक नया ट्रेंड जरूर देखने को मिल रहा है. इस साल पहली बार इलेक्ट्रॉनिक होली गन बाजार में आई है, जिसकी कीमत करीब 1000 रुपये बताई जा रही है.
दुकानदारों के अनुसार, यह गन खासकर युवाओं और बच्चों को आकर्षित कर रही है, लेकिन कीमत ज्यादा होने के कारण इसकी बिक्री सीमित है. अधिकतर लोग अब भी पारंपरिक पिचकारी और रंगों को ही प्राथमिकता दे रहे हैं.
ग्रहण और भद्रा को लेकर असमंजस
भारत में इस साल का पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च को लगने वाला है. ऐसे में होलिका दहन के समय को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि 2 मार्च की शाम से शुरू हो रही है और पूर्णिमा तिथि में ही होलिका दहन की परंपरा है, लेकिन इसी दिन भद्रा का साया भी पड़ रहा है, जिसे शुभ नहीं माना जाता.
धार्मिक विद्वान पंडित मुक्ति चक्रवर्ती के अनुसार, 2 मार्च को प्रदोष काल में पूर्णिमा तो है, लेकिन भद्रा लगी होने के कारण उस समय होलिका दहन शुभ नहीं माना जाता. हालांकि, 2 मार्च देर रात भद्रा समाप्त होने के बाद भी दहन किया जा सकता है.
3 मार्च को ग्रहण के बाद होलिका दहन
पंडित मुक्ति चक्रवर्ती ने बताया, '3 मार्च को भद्रा का साया नहीं है, लेकिन उस दिन प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि नहीं मिल रही, क्योंकि पूर्णिमा तिथि शाम के समय समाप्त हो जाएगी. उदया तिथि के अनुसार, ग्रहण काल समाप्त होने के बाद 3 मार्च की शाम को भी होलिका दहन किया जा सकता है. ऐसे में 3 मार्च को भद्रा रहित समय में होलिका दहन करना ज्यादा उचित रहेगा.
चंद्रग्रहण का समय
शास्त्रों के अनुसार, 3 मार्च को लगने वाला यह चंद्रग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में होगा.
ग्रहण शुरू: दोपहर 3:20 बजे
ग्रहण समाप्त: शाम 6:46 बजे
भारत में यह ग्रहण सूर्यास्त के आसपास दिखाई देगा.
बाजार को अब भी है आखिरी दिनों का इंतजार.
शिमला के व्यापारियों को उम्मीद है कि जैसे-जैसे होलिका दहन और होली का समय साफ होगा, वैसे-वैसे बाजारों में रौनक लौटेगी. फिलहाल चंद्रग्रहण और भद्रा के चलते लोग खरीदारी को टालते नजर आ रहे हैं.
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