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रिटायरमेंट की उम्र में फर्राटे से साइकिल दौड़ा रहे चंडीगढ़ के रूपेश बाली, रोजाना 100 किलोमीटर मारते हैं पैडल

चंडीगढ़ के रहने वाले रूपेश बाली रिटायरमेंट की उम्र में फर्राटे से साइकिल दौड़ा रहे हैं. वे रोजाना 100 किलोमीटर साइकिल चलाते हैं.

Chandigarh cyclist Rupesh Bali continues to cycle at a fast pace in retirement pedalling 100 kilometres a day
रिटायरमेंट की उम्र में फर्राटे से साइकिल दौड़ा रहे चंडीगढ़ के रूपेश बाली (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : June 3, 2026 at 8:06 PM IST

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Updated : June 3, 2026 at 8:20 PM IST

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चंडीगढ़ : जब ज्यादातर लोग भीषण गर्मी में घरों से बाहर निकलने से बचते हैं, तब चंडीगढ़ के एक साइकिलिस्ट रूपेश बाली अपनी साइकिल के साथ सड़कों पर नजर आते हैं. तापमान भले ही 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाए, या कड़ाके की ठंड में पारा 5 डिग्री पर आ जाए या फिर तेज बारिश हो, उनकी दिनचर्या कभी नहीं बदलती. वे रोजाना कम से कम 100 किलोमीटर साइकिल चलाते हैं और इसे अपनी जिंदगी का हिस्सा बना चुके हैं.

ईंधन बचत का संदेश : विश्व साइकिलिंग दिवस के अवसर पर उनकी कहानी सिर्फ फिटनेस की नहीं, बल्कि एक ऐसे मिशन की है जो लोगों को स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत का संदेश दे रहा है. रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मचारी होने के कारण अनुशासन उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा है. यही अनुशासन आज भी उनकी साइकिलिंग यात्रा में दिखाई देता है. सुबह की शुरुआत साइकिल से होती है और दिन का एक बड़ा हिस्सा लोगों को जागरूक करने में गुजरता है.

रिटायरमेंट की उम्र में फर्राटे से साइकिल दौड़ा रहे चंडीगढ़ के रूपेश बाली (ETV Bharat)

शरीर को फिट रखती है साइकिलिंग : उनका कहना है कि साइकिल केवल एक वाहन नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छ पर्यावरण की कुंजी है. अगर लोग छोटी-छोटी दूरियों के लिए मोटरसाइकिल और कार की बजाय साइकिल का इस्तेमाल करें, तो ना केवल पेट्रोल और डीजल की खपत कम होगी, बल्कि प्रदूषण में भी बड़ी कमी लाई जा सकती है. वे बताते हैं कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग शारीरिक गतिविधियों से दूर होते जा रहे हैं, जिसका असर उनकी सेहत पर साफ दिखाई देता है. साइकिलिंग एक ऐसा आसान और सस्ता विकल्प है जो शरीर को फिट रखने के साथ मानसिक तनाव को भी कम करता है.

पीएम मोदी के फैन हैं : सिर्फ साइकिल चलाना ही नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना भी उनका उद्देश्य है. वे हर साइकिलिस्ट से हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील करते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचाने और वैकल्पिक परिवहन को अपनाने की अपील से भी वे काफी प्रेरित हैं. उनका कहना है कि देशहित में हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और जहां संभव हो, साइकिल को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना चाहिए.

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Last Updated : June 3, 2026 at 8:20 PM IST