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"जन उपयोगी केंद्र" बनेंगे चंडीगढ़ के कम्युनिटी सेंटर, शादी से शोक कार्यक्रम तक आएंगे काम, भोग के लिए बुकिंग होगी मुफ्त

चंडीगढ़ के कम्युनिटी सेंटर "जन उपयोगी केंद्र" बनेंगे. साथ ही भोग कार्यक्रमों के लिए कम्युनिटी सेंटर की मुफ्त बुकिंग शुरू होगी.

Chandigarh Community Centres
"जन उपयोगी केंद्र" बनेंगे चंडीगढ़ के कम्युनिटी सेंटर (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : August 13, 2026 at 3:12 PM IST

3 Min Read
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चंडीगढ़: शहर के कम्युनिटी सेंटर अब केवल शादी-विवाह और सामाजिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेंगे. चंडीगढ़ नगर निगम भोग के कार्यक्रमों के लिए इनकी बुकिंग दोबारा मुफ्त करने की तैयारी कर रहा है. इसका प्रस्ताव निगम की अगली बैठक में रखा जाएगा. शोक की स्थिति से गुजर रहे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े, इसी उद्देश्य से यह सुविधा बहाल करने की तैयारी है.

प्रशासक ने इस्तेमाल बढ़ाने पर दिया जोर: मामला उस समय सामने आया जब चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सेक्टर-29 में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कम्युनिटी सेंटरों के इस्तेमाल पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि, "इन जगहों का इस्तेमाल सिर्फ शादी-विवाह तक सीमित नहीं होना चाहिए. बुजुर्गों के बैठने, अखबार पढ़ने और स्थानीय सामाजिक गतिविधियों के लिए भी इन केंद्रों का उपयोग होना चाहिए."

अब "जन उपयोगी केंद्र" नाम रखने की तैयारी: इसी सोच के तहत नगर निगम शहर के कम्युनिटी सेंटरों का नाम बदलकर "जन उपयोगी केंद्र" रखने पर भी विचार कर रहा है. निगम और प्रशासन का मानना है कि नाम ऐसा होना चाहिए, जिससे इन भवनों का इस्तेमाल किसी एक तरह के आयोजन तक सीमित न लगे. अधिकारियों के अनुसार यह नाम सार्वजनिक उपयोगिता की भावना को भी दर्शाएगा.

पिछले साल बंद हुई थी मुफ्त सुविधा: भोग के लिए कम्युनिटी सेंटर की मुफ्त बुकिंग की व्यवस्था पहले लागू थी, लेकिन पिछले साल नगर निगम ने इसे समाप्त कर दिया था. मौजूदा व्यवस्था में अलग-अलग कार्यक्रमों के लिए बुकिंग शुल्क लिया जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक शादी जैसे कार्यक्रमों के लिए शुल्क में बदलाव के बाद अब करीब 25 प्रतिशत शुल्क लिया जा रहा है. सेंटर के अनुसार यह राशि करीब 2,500 से 14,000 रुपये तक बताई गई है.

शोकाकुल परिवारों को मिलेगी राहत: निगम का मानना है कि परिवार में किसी सदस्य के निधन के बाद होने वाले भोग कार्यक्रम के लिए अतिरिक्त शुल्क देना परिवार पर अनावश्यक आर्थिक दबाव डाल सकता है. इसलिए मुफ्त बुकिंग की सुविधा फिर शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. अंतिम निर्णय निगम की अगली बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद होगा.

किसी व्यक्ति के नाम पर नहीं होंगे केंद्र: कम्युनिटी सेंटरों का नाम किसी व्यक्ति विशेष के नाम पर रखने को लेकर भी चर्चा हुई है. निगम अधिकारियों के अनुसार सार्वजनिक भवनों के नाम सामान्य और उनकी उपयोगिता से जुड़े होने चाहिए. एक अधिकारी के मुताबिक सार्वजनिक भवनों के नाम किसी व्यक्ति विशेष के बजाय सामान्य और उपयोगिता से जुड़े रखे जाने चाहिए. हालांकि "जन उपयोगी केंद्र" नाम पर अंतिम मुहर निगम की बैठक में ही लगेगी.

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