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चंडीगढ़ के बापूधाम-शास्त्री नगर कॉज-वे का बदलेगा रूप, 17 करोड़ से बनेगा फोर-लेन हाई लेवल ब्रिज, फिर भी एक साल इंतजार

चंडीगढ़ के बापूधाम-शास्त्री नगर कॉज-वे पर 17 करोड़ से फोर-लेन हाई लेवल ब्रिज बनेगा. निर्माण में करीब एक साल लगेगा.

Chandigarh Causeway Bridge
चंडीगढ़ के बापूधाम-शास्त्री नगर कॉज-वे का बदलेगा रूप (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : August 13, 2026 at 10:33 AM IST

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Updated : August 13, 2026 at 11:39 AM IST

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पंचकूला: चंडीगढ़ के सेक्टर 26 स्थित बापूधाम कॉलोनी-शास्त्री नगर के सुखना चो पर बने कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज बनाने के पहले चरण की बिड प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. हालांकि, चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग विंग को फिलहाल प्राप्त हुई बिड के मूल्यांकन का कार्य पूरा करना है. इसके बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी. जबकि सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भी इस हाई लेवल ब्रिज के लिए लोगों को और एक साल का इंतजार करना होगा. वहीं, लोगों ने ईटीवी भारत से बातचीत में चंडीगढ़ प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए कहा कि वे बीते कई वर्षों से ऐसे आश्वासन सुनते आ रहे हैं.

नाजुक पुल से गुजरते हैं हजारों वाहन: दरअसल, रोजाना हजारों गाड़ियां इस नाजुक पुल से आवाजाही करती हैं. क्योंकि इस रास्ते से होकर चंडीगढ़ के कई नामचीन कॉन्वेंट स्कूल, गोल्फ क्लब, मुख्य पर्यटन स्थल सूखना झील, हाईकोर्ट, हरियाणा व पंजाब विधानसभा, कैपिटल कॉम्प्लेक्स, चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय, पंजाब पुलिस मुख्यालय, पीजीआई, रोज गार्डन समेत अन्य कई महत्वपूर्ण कार्यालय, पर्यटन स्थल व मुख्य मार्केट हैं. यही कारण है कि इस मार्ग पर बापूधाम-शास्त्री नगर के नाजुक कॉज-वे से रोजाना हजारों वाहनों में लाखों लोग आवाजाही करते हैं. पंचकूला से लोग चंडीगढ़ में प्रवेश के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं, मनीमाजरा से भी सुबह से रात तक आवाजाही बनी रहती है. इसी तरह चंडीगढ़ से मनीमाजरा और पंचकूला जाने वाले वाहन चालक भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं.

17 करोड़ से बनेगा फोर-लेन हाई लेवल ब्रिज (ETV Bharat)

जानिए लोगों ने क्या कहा:

  • इस पुल से रोजाना आवाजाही करने वाले मनीमाजरा निवासी जय धीमान ने बताया कि, "सबसे अधिक परेशानी बरसात के दिनों में होती है. जल भराव की समस्या होने से इस मार्ग पर पुल को पार करना एक चुनौती बना रहता है. कुछ समय पहले यह पुल टूट भी गया था. पुल पर जलभराव होने से लोगों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने को मजबूर होना पड़ता है, जिस कारण उनका सफर काफी लंबा हो जाता है. रोड छोटा होने से हादसे होते रहते हैं."
  • वहीं, इस मार्ग से रोजाना आवाजाही करने वाले अमित ने कहा कि, "सबसे अधिक परेशानी सूखना झील से पानी छोड़े जाने के दौरान होती है. क्योंकि पानी का तेज बहाव पुल से ओवरफ्लो होता है. इस कारण एक-एक किलोमीटर का ट्रैफिक जाम लग जाता है. लेकिन जब पानी का बहाव काफी तेज हो तो पुलिस-प्रशासन मार्ग बंद कर देता है, जिससे लोगों को काफी घूमकर जाना पड़ता है. ऐसे में कुछ मिनटों का सफर ही करीब एक घंटे का हो जाता है. क्योंकि वैकल्पिक मार्गों पर पहले ही रोजाना आवाजाही करने वाला काफी ट्रैफिक रहता है. कई बार इस मार्ग पर एम्बुलेंस और आपात स्थिति के दौरान अन्य कई वाहन फंसते हैं. बापूधाम-शास्त्री नगर कॉज-वे के पास रात के समय स्ट्रीट लाइट काम नहीं करती. ऐसे में अंधेरा होने के चलते जानलेवा हादसे होने का खतरा बना रहता है, क्योंकि इस पुल से कई बार गाड़ियां नीचे गिर चुकी हैं. इस मार्ग से आवाजाही करने वाले वाहन चालकों/यात्रियों को अपनी सुरक्षा का ध्यान खुद ही रखना पड़ता है. नतीजतन, हर कोई सँभल संभल कर पुल से निकलता है, क्योंकि मोड़ काफी घुमावदार होने लेकिन सड़क संकीर्ण होने से हादसे होने का खतरा बना रहता है."
  • वहीं, स्थानीय निवासी अमन त्रिपाठी ने कॉज-वे के हाई लेवल ब्रिज में बदलने की बात पर मायूसी प्रकट करते कहा कि, "मैं सालों से ऐसा कुछ सुनते आ रहा हूं, लेकिन कभी कुछ नहीं हुआ. कॉज-वे पर लाइटिंग की कोई व्यवस्था नहीं है, जबकि हर साल आम लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है. स्थानीय या आसपास के लोग रोजाना कई तरह की मुश्किल झेलते हैं लेकिन हरियाणा से लोगों के आने के कारण ट्रैफिक अधिक होने से परेशानी कई गुणा बढ़ जाती है. ऐसे में लोगों को दूसरे मार्गों से होकर निकलना पड़ता है, जिससे दूरी अधिक बढ़ जाती है और समय भी काफी खराब होता है. हम सालों से इस पुल को देख रहे हैं, जो तीन-चार बार टूट चुका है. लेकिन हर बार काम चलाऊ मरम्मत कर दी जाती है.यहां कई हादसे हुए और कई होते होते रह गए, अब पुल के किनारे ग्रिल लगाई गई हैं. लेकिन जब कभी सूखना झील से पानी छोड़ा जाता है तो तेज बहाव सबकुछ साथ बहाकर ले जाता है."

17 करोड़ रुपये का टेंडर जारी : प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने बापूधाम-शास्त्री नगर कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज में बदलने के लिए करीब 17 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया. इसके अंतर्गत प्रशासन को अलग अलग बिड प्राप्त हुई हैं, जिनके मूल्यांकन का की प्रक्रिया पूरी किया जाना शेष है. चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कॉज-वे पर हाई लेवल ब्रिज के निर्माण में करीब नौ महीने से एक वर्ष का समय लगेगा.

500 मीटर लंबा और 27 मीटर चौड़ा: बापूधाम-शास्त्री नगर कॉज-वे पर बनने वाला प्रस्तावित पुल करीब 500 मीटर लंबा और 27 मीटर चौड़ा रहेगा. यह फोर लेन होगा और दोनों ओर साइकिल ट्रैक व पैदल पथ भी बनाए जाएंगे. यह पुल सेक्टर 26 टी-पॉइंट को मनीमाजरा के शास्त्री नगर से जोड़ेगा. इस जंक्शन को करीब दो मीटर ऊंचा रखे जाने का प्रस्ताव है. साथ ही स्टॉर्म वाटर लाइन और पानी की पाइपलाइन शिफ्ट होगी. यहां ईडब्ल्यूएस लाइट पॉइंट के समीप ट्रांसपोर्ट चौक के लिए बाईं ओर का मार्ग वर्तमान की तरह ही रहेगा. वहीं, सड़क चौड़ीकरण और परियोजना के निर्माण के लिए 27 पेड़ भी काटे जा सकते हैं.

इन तीन कॉज-वे को लेकर तैयारी नहीं: चंडीगढ़ के गांव किशनगढ़ के कॉज-वे, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के कॉज-वे और मक्खनमाजरा कॉज-वे के लिए फिलहाल चंडीगढ़ प्रशासन की कोई मजबूत तैयारी नहीं है. इन कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज में बदलने का प्रशासन का फिलहाल कोई इरादा नहीं है. नतीजतन इन तीनों कॉज-वे पर तेज बारिश के दौरान सुखना लेक के फ्लड गेट खुलने पर इन मार्गों को बंद किए जाने की स्थिति बनती रहेगी. हालांकि, बापूधाम-शास्त्री नगर कॉज-वे पर भी फिलहाल और एक वर्ष यह स्थिति बनी रह सकती है, जब तक हाई लेवल ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता.

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Last Updated : August 13, 2026 at 11:39 AM IST