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चंडीगढ़ के नन्हें खिलाड़ियों ने रचा इतिहास, अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में जीता गोल्ड मेडल

थाईलैंड के पताया में 9वीं हीरोज ताइक्वांडो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता चंडीगढ़ के दो नन्हें खिलाड़ियों ने ताइक्वांडो प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा है.

CHANDIGARH ATHLETES WIN GOLD MEDALS
CHANDIGARH ATHLETES WIN GOLD MEDALS (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : August 14, 2026 at 4:03 PM IST

5 Min Read
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पंचकूला: चंडीगढ़ के दो नन्हें खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा है. थाईलैंड के पताया में 9वीं हीरोज ताइक्वांडो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता 2026 का आयोजन हुआ था. जिसमें दूसरी क्लास में पढ़ने वाले नित्यान्श कश्यप और युवान सिंह ने गोल्ड मेडल जीता है. दोनों नन्हें खिलाड़ियों ने स्पीड किकिंग प्रतियोगिता में अपने प्रतिद्वंदी विदेशी खिलाड़ियों को बड़े स्कोर से पीछे छोड़ते हुए देश को स्वर्ण पदक दिलाए.

चंडीगढ़ के नन्हें खिलाड़ियों का कमाल: नित्यांश कश्यप और युवान सिंह, दोनों चंडीगढ़ के सेक्टर 41 स्थित आंचल इंटरनेशनल स्कूल के दूसरी कक्षा के छात्र हैं. दोनों ने ही अपने-अपने प्रतिद्वंदी विदेशी खिलाड़ियों के खिलाफ निरंतरता से बेहतरीन प्रदर्शन किया. दोनों ने निर्धारित सेकंड्स में समय का ध्यान रखते हुए तेजी से किक करने की क्षमता, स्थिरता और दबाव में ना आते हुए मुकाबला जारी रखा. नतीजतन, दोनों खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया. नित्यान्श ने थाईलैंड, रूस और कोरिया के खिलाड़ियों को एकतरफा मुकाबले में हराते हुए बढ़त बनाई. जबकि युवान ने थाईलैंड, फिलीपींस और श्रीलंका के खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए देश के लिए स्वर्ण पदक जीता.

चंडीगढ़ के नन्हें खिलाड़ियों ने रचा इतिहास, देखें वीडियो (ETV Bharat)

रूसी खिलाड़ी के खिलाफ रहा कड़ा मुकाबला: नित्यांश कश्यप ने कहा कि विदेशी खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना मुश्किल था और सभी मुकाबलों में रूस के खिलाड़ी के साथ मुकाबला अधिक चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन कोच गौरव सैनी लगातार मार्गदर्शन करते रहे. प्रतियोगिता के दौरान भी कोच गौरव लगातार नित्यांश और युवान को सेकंड्स की गिनती बताते रहे और स्थिरता के साथ तेजी से लक्ष्य पर किक लगाने को प्रोत्साहित किया. नतीजतन, दोनों खिलाड़ियों ने अपने मुकाबलों में गोल्ड मेडल जीता. दोनों खिलाड़ियों ने कहा कि उन्होंने पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर गोल्ड मेडल जीता है.

कोच बोले- दोनों बच्चे अनुशासित: नित्यांश और युवान के कोच गौरव सैनी ने कहा कि "दोनों बच्चों में विशेष बात ये है कि वे अनुशासित और समय के पाबंद हैं. दोनों प्रैक्टिस के लिए कभी कोई बहाना नहीं लगाते और ना ही कोई छुट्टी करते हैं. यदि कभी किन्हीं भी कारणों से प्रैक्टिस पर आना संभव नहीं हो पाता, तो वो पूर्व में सूचना देते हैं. हमारी अकादमी के कुल 6 खिलाड़ी प्रतियोगिता में खेले, लेकिन नित्यांश और युवान ने पहले ही दिन अच्छी परफॉर्मेंस दी."

मुकाबले में सराहनीय प्रदर्शन: कोच गौरव सैनी ने बताया कि "प्रैक्टिस के चलते दोनों ही खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस प्रतियोगिता में उभरकर आई. नित्यांश और युवान, प्रैक्टिस के दौरान 30 सेकंड में करीब 70 किक लगाते थे, लेकिन प्रतियोगिता में उन्होंने 85 और 88 के स्कोर के साथ लीड किया. अक्सर देखा जाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता का एक अलग फोबिया और दबाव बना होता है, लेकिन दोनों नन्हें खिलाड़ियों ने किसी प्रकार के दबाव में ना आते हुए अपना बेस्ट दिया. नतीजतन अंतिम मुकाबले में फिलीपींस और रूस के खिलाड़ी, नित्यांश और युवान के आसपास भी नहीं थे.दोनों 90 तक स्कोर लाने में कामयाब रहते, लेकिन समय खत्म होने से पहले ही रुकने के कारण ऐसा नहीं हो सका. हालांकि, समय शेष रहने की बात सुनते ही दोनों दोबारा पूरी ऊर्जा के साथ किकिंग करने लगे."

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इन सभी खिलाड़ियों ने जीते मेडल (ETV Bharat)

नित्यांश की मां ने बोली- मुझे गर्व है: नित्यांश कश्यप की मां ने कहा कि "अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में बेटे का स्वर्ण पदक आने पर गर्व महसूस कर रही हूं. इस जीत के साथ लगता है कि बेटे में काफी क्षमता है और भविष्य में वो ताइक्वांडो में अपना और देश का नाम रोशन कर सकता है." वहीं नित्यांश के पिता जगबीर सिंह ने कहा कि "मैं बेटे की उपलब्धि का पूरा श्रेय कोच गौरव सैनी को देता हूं. कोच के मार्गदर्शन और संयम के साथ अभ्यास कराने के चलते ही दोनों खिलाड़ी भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल कर सके हैं." युवान सिंह की मां ने भी कोच गौरव सैनी को श्रेय देते हुए कहा कि "कोच की ही मेहनत से संभव हो सका है कि दोनों बच्चे कम आयु में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल करने में कामयाब रहे हैं. दोनों बच्चों ने अपने कोच, स्कूल, परिवार, शहर और देश का नाम रोशन किया है, जिसकी उन्हें बहुत खुशी है."

इन खिलाड़ियों ने भी जीते पदक: कोच गौरव सैनी ने बताया कि थाईलैंड में आयोजित ताइक्वांडो 2026 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उनकी अकादमी के कुछ अन्य खिलाड़ियों ने भी स्वर्ण और कांस्य पदक जीते हैं.

  • सब जूनियर गर्ल्स, 23 किलोग्राम भार वर्ग श्रेणी में अवनी कतवाल ने स्वर्ण पदक जीता.
  • कैडेट गर्ल्स, 55 किलोग्राम भार वर्ग श्रेणी में सिमरप्रीत कौर ने कांस्य पदक अपने नाम किया.
  • सुखमनप्रीत कौर सैनी ने 35 किलोग्राम भार वर्ग श्रेणी में कांस्य पदक जीता.
  • जूनियर गर्ल्स, 46 भार वर्ग श्रेणी में परमजीत वर्मा ने कांस्य पदक अपने नाम किया.

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