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चमोली के देवाल हरमल में लैंडस्लाइड, अलग-थलग पड़ा गांव, बढ़ी परेशानियां

सुयालकोट के समीप पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण देवाल-खेता मोटर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पहले से ही बंद है.

CHAMOLI DEWAL LANDSLIDE
चमोली के देवाल हरमल में लैंडस्लाइड (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : August 25, 2026 at 6:58 PM IST

3 Min Read
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चमोली: पहाड़ों में बरसात के दौरान सड़क और पैदल रास्तों का टूटना ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाता है. देवाल विकासखंड के दूरस्थ हरमल गांव की स्थिति भी इन दिनों ऐसी ही है. गांव को जोड़ने वाला मोटर मार्ग पहले से बंद है. अब भूस्खलन की चपेट में आने से पैदल रास्ता भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. ऐसे में ग्रामीणों की आवाजाही मुश्किल हो गई है.

हरमल गांव के पास भूस्खलन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है. वीडियो में गांव को जोड़ने वाला पैदल रास्ता मलबे और भूस्खलन की चपेट में आने के बाद पूरी तरह टूटा नजर आ रहा है. ग्रामीणों के अनुसार, गांव को जोड़ने वाला मोटर मार्ग भी पिछले कई दिनों से बंद पड़ा है. ऐसे में लोगों को जरूरी सामान लाने और अन्य कार्यों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है.

सुयालकोट के पास बंद है देवाल-खेता मोटर मार्ग: क्षेत्र पंचायत सदस्य चोटिंग रमेश गढ़िया ने बताया कि सुयालकोट के समीप पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण देवाल-खेता मोटर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद है. फिलहाल लोग वैकल्पिक रास्ते से पैदल आवाजाही कर रहे थे, लेकिन हरमल गांव के समीप पैदल रास्ता भी भूस्खलन की चपेट में आ गया है. इससे गांव को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग पूरी तरह प्रभावित हो गया है. उन्होंने बताया बरसात के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में ग्रामीण पहले से ही कठिन और जोखिम भरे रास्तों से आवाजाही करने को मजबूर रहते हैं. ऐसे में पैदल रास्ता भी टूट जाने से ग्रामीणों की मुश्किल और बढ़ गई है. संपर्क मार्ग बाधित होने से खाद्य सामग्री की आपूर्ति प्रभावित होने के साथ ही विद्युत आपूर्ति को लेकर भी ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है.

सड़क का वर्षों से इंतजार: हरमल गांव के ग्रामीण लंबे समय से मोटर मार्ग के निर्माण और बेहतर संपर्क सुविधा की मांग करते आ रहे हैं. सड़क निर्माण अधूरा रहने के कारण बरसात में गांव की परेशानी और बढ़ जाती है. इस बार मोटर मार्ग के साथ पैदल रास्ता भी क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से आपदा की स्थिति को देखते हुए तत्काल क्षतिग्रस्त पैदल रास्ते को सुरक्षित तरीके से बहाल करने, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने और विद्युत व्यवस्था सुचारु कराने की मांग की है. साथ ही लंबे समय से लंबित मोटर मार्ग का निर्माण जल्द पूरा कराने की भी मांग उठाई है.

ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ में सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि गांव की रोजमर्रा की जिंदगी और जरूरी सुविधाओं से जुड़ी जीवनरेखा है. संपर्क मार्ग बंद होने पर सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बाजार पर निर्भर ग्रामीणों पर पड़ता है.

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