पानीपत में इंडस्ट्री की समस्याओं पर चैंबर सख्त, अधिकारियों को दी चेतावनी-'समय पर समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री से मिलेंगे उद्यमी'
पानीपत के उद्यमियों ने बैठक कर इंडस्ट्री की समस्याओं पर सख्त चेतावनी दी. अधिकारी समाधान नहीं करेंगे तो मुख्यमंत्री से मिलेंगे उद्यमी.

Published : August 30, 2026 at 8:10 PM IST
पानीपतः हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की एडवाइजरी और एग्जीक्यूटिव बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को हुई. बैठक की अध्यक्षता एडवाइजरी एवं एग्जीक्यूटिव बोर्ड के चेयरमैन विनोद धमीजा ने की. बैठक में पानीपत के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों को आ रही समस्याओं पर विस्तार से मंथन किया गया. उद्यमियों ने बिजली की बार-बार ट्रिपिंग, सड़क, सीवर, पानी और स्ट्रीट लाइट की बदहाल व्यवस्था, रिफंड, सब्सिडी, एनओसी और विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया.
मंगलवार को औद्योगिक संगठनों की बैठकः बैठक में निर्णय लिया गया कि चैंबर के बैनर तले पानीपत के 20 से अधिक औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि 1 सितंबर को संबंधित प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. इस बैठक में अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं को विभागवार अधिकारियों के सामने रखा जाएगा, ताकि 8 सितंबर को होने वाली बैठक में इन समस्याओं के समाधान को लेकर स्पष्ट जवाब मिल सके.
विभागवार समस्याओं के समाधान का मांगः विनोद धमीजा ने कहा कि "26 अगस्त को उपायुक्त के साथ हुई बैठक में इंडस्ट्री की लंबित समस्याओं को लेकर चर्चा हुई थी." उन्होंने प्रशासन से सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को एक साथ बुलाकर उद्यमियों की समस्याएं सुनने का आग्रह किया था. इसी कड़ी में अब समस्याओं को विभागवार एकत्रित कर 1 सितंबर की बैठक में अधिकारियों को ब्रीफ किया जाएगा. उन्होंने कहा कि "इससे 8 सितंबर की बैठक में अधिकारी समस्याओं के समाधान को लेकर सीधे जवाब दे सकेंगे और टालमटोल की गुंजाइश नहीं रहेगी. उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री के सामने रिफंड, बिजली, सड़क समेत कई बुनियादी समस्याएं हैं. चैंबर का प्रयास है कि सभी समस्याओं को एक मंच पर मजबूती से उठाया जाए और उनका समाधान कराया जाए.
1 सितंबर की बैठक में 20 से अधिक औद्योगिक लेंगे हिस्साः हरियाणा डायर्स एसोसिएशन एवं भीमराना एक्सपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान ललित गोयल ने कहा कि इंडस्ट्री की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा कि एचएसवीपी से लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और रिफंड से संबंधित कई समस्याएं उद्यमियों के सामने हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि "कई मामलों में छोटी-छोटी कमियों के चलते फैक्ट्रियों को सील कर दिया जाता है और उन्हें दो-तीन महीने तक खुलवाने की प्रक्रिया चलती रहती है." उन्होंने कहा कि "1 सितंबर की बैठक में करीब 20-22 औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि अपनी समस्याएं रखेंगे."
बार-बार बिजली ट्रिपिंग की समस्या से इंडस्ट्री परेशानः चैंबर के सचिव राजीव अग्रवाल ने बिजली की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि "पानीपत की इंडस्ट्री में बार-बार बिजली ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है. कई क्षेत्रों में एक दिन में 30-30 बार तक बिजली आने-जाने और ट्रिप होने की शिकायतें सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि यह समस्या किसी एक औद्योगिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पानीपत की इंडस्ट्री इससे प्रभावित है."
'समाधान को लेकर सामूहिक पैरवी': राजीव अग्रवाल ने कहा कि "चैंबर अब समस्याओं के समाधान को लेकर सामूहिक रूप से मजबूती से पैरवी करेगा. चाहे बिजली की समस्या हो या सीवर, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ा मामला, संबंधित एसोसिएशन के प्रतिनिधि उसे सरकार के सामने रखेंगे." उन्होंने स्पष्ट किया कि "अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, समस्याओं का समाधान करवाने के लिए चैंबर जरूरत पड़ने पर उच्च अधिकारियों और सरकार के स्तर तक जाएगा."
'समाधान के लिए बहाना नहीं किया जाएगा स्वीकार': बैठक में उद्यमियों ने भी एकजुट होकर कहा कि इस बार समस्याओं के समाधान को लेकर किसी तरह का बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा. यदि प्रशासनिक स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो औद्योगिक संगठनों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पानीपत की इंडस्ट्री की समस्याओं से अवगत कराएगा.
सिर्फ आश्वासन नहीं, समयबद्ध समाधान चाहिएः पानीपत की इंडस्ट्री अब अपनी लंबित समस्याओं को लेकर एकजुट होती दिखाई दे रही है. 1 सितंबर को 20 से अधिक औद्योगिक संगठनों की अधिकारियों के साथ बैठक और 8 सितंबर को समस्याओं के समाधान की दिशा में निर्णायक चर्चा होगी. उद्यमियों ने साफ कर दिया है कि इस बार केवल आश्वासन नहीं, समयबद्ध समाधान चाहिए. यदि प्रशासनिक स्तर पर समस्याएं हल नहीं हुईं तो चैंबर मुख्यमंत्री के समक्ष मामला उठाकर समाधान की मांग करेगा.

