हेमंत सरकार की नई औद्योगिक नीति का ड्राफ्ट तैयार, झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने सराहा
झारखंड सरकार नई औद्योगिक पॉलिसी तैयार कर रही है. जिसका ड्राफ्ट जारी किया गया है. झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स इसकी समीक्षा कर रहा है.


Published : July 6, 2026 at 5:03 PM IST
रांची: झारखंड में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए हेमंत सरकार एक साथ कई नीतियां लाने जा रही है. इसके तहत टेक्सटाइल और निवेश प्रोत्साहन नीति के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा दिया जाएगा. औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोग अभी 'झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर पॉलिसी 2026' और 'झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2026' का ड्राफ्ट जारी होने के बाद, इसका अध्ययन कर रहे हैं.
झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इन ड्राफ्ट नीतियों का स्वागत किया है. झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा के अनुसार, राज्य में लगभग एक दशक बाद नई औद्योगिक नीति लाई गई है. सरकार का लक्ष्य इन उपायों के जरिए ₹1 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करना और 25,000 नई नौकरियां पैदा करना है.
उन्होंने बताया कि इस नीति की सबसे अच्छी बात है कि सरकार ने विभिन्न प्रकार की सब्सिडी और छूट का प्रावधान किया है. इस पॉलिसी को झारखंड को देश और विदेश में व्यापार, उद्यमिता और निवेश के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने के विजन के साथ तैयार किया गया है.
ड्राफ्ट की प्रमुख बातें
- प्रस्तावित नीति में लघु कुटीर एवं मध्यम उपक्रमों पर विशेष ध्यान
- झारखंड में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सब्सिडी की राशि में वृद्धि
- एमएसएमई के लिए 15 से 30 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी का प्रस्ताव
- राज्य में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश और 25 हजार नौकरियों के सृजन का लक्ष्य
- एससी और एसटी उद्यमियों के साथ महिलाओं एवं दिव्यांग उद्यमियों के लिए पांच प्रतिशत का अतिरिक्त सब्सिडी लाभ
- सेक्टर आधारित औद्योगिक विकास की रणनीति
- रांची, जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद, देवघर, संताल परगना, पलामू, गढ़वा, लोहरदगा, लातेहार समेत विभिन्न क्षेत्रों के लिए औद्योगिक विकास पर फोकस
- ग्रीन टेक्नोलॉजी, नवीकरणीय ऊर्जा, एफडीआई, औद्योगिक पार्क, लॉजिस्टिक्स और कौशल विकास को नीति में मिली प्राथमिकता
ड्राफ्ट पॉलिसी पर दिल्ली में रखे जायेंगे सुझाव
झारखंड सरकार के द्वारा तैयार की गई ड्राफ्ट पॉलिसी पर नई दिल्ली में 8 और 9 जुलाई को होने वाले नेशनल स्टेकहोल्डर्स समिट में सुझाव रखे जाएंगे. झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स इन नीतियों का अध्ययन करने में जुटा है और आगामी 9 जुलाई को सरकार के समक्ष लिखित रूप से सुझाव रखने की तैयारी की गई है.
झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा कहते हैं कि पॉलिसी कंसलटेंसी की मीटिंग 9 तारीख को रखी गई है, ताकि इसमें सुझाव को ध्यान में रखा जाए और बेहतर से बेहतर पॉलिसी बनायी जाए. उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि यहां के युवाओं के लिए भी यह पॉलिसी सार्थक साबित होगा. इस पॉलिसी में अनेक क्षेत्रों को ध्यान में रखा गया है.
उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल पॉलिसी भी बहुत ही बेहतरीन है. मगर उसमें कुछ ऐसे प्रावधान हैं जिसे लेकर कुछ संशय बना हुआ है, जो सब्सिडी से जुड़ा हुआ मामला है. इस मुद्दे पर चैंबर सरकार के समक्ष अपनी बातों को रखेगा. हमें पूर्ण विश्वास है कि सरकार उद्योग को बढ़ावा देने और राज्य में रोजगार की संभावना बढ़ाने के लिए हमारी बातों को ध्यान रखेगी. उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा तैयार लेदर एंड फुटवियर पॉलिसी का ड्राफ्ट भी हमें मिला है जिसका अध्ययन किया जा रहा है.
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