चंबा की पहाड़ियां हुई 'चांदी सी सफेद', सीजन की पहली बर्फबारी से खिले किसान-बागवानों के चेहरे
चंबा में सीजन की पहली बर्फबारी से किसान-बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं. वहीं, प्रशासन ने पर्यटकों से सावधानी बरतने को कहा है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 2, 2026 at 3:29 PM IST
|Updated : January 2, 2026 at 3:55 PM IST
चंबा: चंबा में मौसम ने अचानक करवट ली है. लंबे समय के इंतजार के बाद जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है. पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर बिछते ही नजारा बेहद खूबसूरत हो गया है. यह बर्फबारी किसानों और बागवानों के लिए राहत लेकर आई है, जो पिछले तीन महीनों से बारिश नहीं होने के कारण परेशान थे.
तीन महीने से नहीं हुई थी बारिश
चंबा जिले के पहाड़ी इलाकों में बीते तीन महीनों से बारिश नहीं हुई थी. खेतों में नमी खत्म हो चुकी थी और फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया था. धूल और मिट्टी के कारण लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. अब बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से मौसम सुहावना हो गया है और लोगों ने राहत की सांस ली है.
साच पास पर 2 फीट से अधिक बर्फबारी
चंबा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल साच पास पर करीब दो फीट से ज्यादा बर्फबारी दर्ज की गई है. भारी हिमपात के कारण पहाड़ पूरी तरह सफेद नजर आ रहे हैं. हालांकि, ज्यादा बर्फबारी के चलते साच पास मार्ग बंद कर दिया गया है और ट्रेकिंग गतिविधियों पर भी रोक लग गई है, ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके.
प्रशासन की अपील, सावधानी बरतें
डीसी चंबा मुकेश रेपिसवाल ने कहा, "भारी बर्फबारी के चलते साच पास क्षेत्र में जाना जोखिम भरा हो सकता है. वहां नेटवर्क सुविधा भी नहीं है, जिससे आपात स्थिति में संपर्क करना मुश्किल हो जाता है." प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि साच पास की ओर ट्रेकिंग या यात्रा से फिलहाल बचें और पूरी सतर्कता बरतें.
पांगी घाटी का संपर्क कटा
साच पास दर्रे से होकर पांगी घाटी को जाने वाला मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गया है. अब आगामी चार से पांच महीनों तक यह रास्ता पूरी तरह बंद रहेगा. ऐसे में पांगी घाटी के लोगों को जम्मू-कश्मीर के रास्ते होकर आवाजाही करनी होगी.
प्रदेश में कैसे रहेगा मौसम?
हिमाचल प्रदेश में हल्की बर्फबारी के बाद अब मौसम फिर से साफ हो गया है. मौसम विभाग के अनुसार राज्यभर में 6 जनवरी तक मौसम शुष्क बना रहेगा. हालांकि इस दौरान कई जिलों में शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. नदी-नालों के आसपास वाले इलाकों में घने कोहरे की भी चेतावनी दी गई है. खास बात यह है कि दिसंबर महीने में लगभग बारिश नहीं हुई. 32 साल बाद 2025 में दिसंबर में शून्य मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इससे पहले 1902, 1907, 1925, 1939 और 1993 में हुई थी.
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