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शिमला में निर्माणाधीन टनल धंसने से सड़क पर 15 परिवार, प्रभावितों से मिलने पहुंचे कैबिनेट मंत्री और DC

शिमला के चलौंठी में फोरलेन टनल निर्माण के चलते कई भवनों को खतरा. कड़कड़ाती ठंड में खुले आसामान में रात गुजारने को मजबूर कई परिवार.

Shimla Chalaunthi Tunnel collapsed
चलौंठी में टनल धंसने से कई परिवार बेघर (ETV Bharat GFX)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 10, 2026 at 5:34 PM IST

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Updated : January 10, 2026 at 8:51 PM IST

6 Min Read
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शिमला: शिमला के चलौंठी में फोरलेन टनल निर्माण के चलते कई भवनों को खतरा पैदा हो गया है. टनल के अंदर हो रही ब्लास्टिंग से आसपास के भवनों में दरारें आ रही हैं, जिसके चलते शुक्रवार रात एक बहुमंजिला भवन को खाली करवाया गया. इसके अलावा अन्य भवनों को भी खतरा पैदा हो गया है. वहींं, देर रात प्रभावित परिवारों को किसान भवन में शिफ्ट करवाया गया है. घटना की जानकारी मिलते ही हिमाचल के पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह भी मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से मिलकर हर संभव मदद का आश्वासन दिया. वहीं, फोरलेन निर्माण से घरों को हुए नुकसान को लेकर उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने एसडीएम शिमला ग्रामीण की अध्यक्षता ने कमेटी का गठन किया है.

निर्माणाधीन टनल धंसने से कई परिवार बेघर (ETV Bharat)

टनल धंसने से कई परिवार बेघर

संजौली के चलौंठी में निर्माणाधीन टनल धंसने के कारण आसपास के कई घरों को खतरा पैदा हो गया है. इस क्षेत्र में कई घर गिरने की कगार पर आ गए हैं. इतना ही नहीं संजौली ढली बाईपास सड़क भी धंसने की कगार पर आ गई है. एहतियात के तौर पर शिमला पुलिस ने सड़क को बंद करवा दिया है. प्रशासन की तरफ से शनिवार सुबह एडीएम पंकज शर्मा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि जानकारी ली जा रही है और अभी वह नहीं बता सकते कि कितना खतरा है.

प्रभावितों से मिलने पहुंचे कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह

इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष हैं. घटना की सूचना मिलते ही हिमाचल प्रदेश के पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया. कैबिनेट मंत्री ने कहा कि, "टनल के निर्माण कार्य में हो रही ब्लास्टिंग के कारण लोगों के घरों में भी दरारें आई हैं, सभी प्रभावित परिवारों की लिस्ट बनाई जा रही है. जिन घरों को खतरा है, उन्हें खाली करवाया गया है और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया हैं. इस संबंध में केंद्रीय मंत्री और NHAI से भी शिकायत की गई है."

ऊपर अन्य मकानों को भी खतरा

दोपहर डीसी अनुपम कश्यप भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्थिति का जायजा लिया. साथ ही प्रभावित परिवारों से बातचीत की और उन्हें हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया. इसके साथ ही डीसी ने एनएचएआई वालों को तुरंत मुआवजा देने की निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि, "काफी समय से फोरलेन से ब्लास्टिंग के चलते यहां पर कई मकानों को खतरा पैदा हो गया है. इस क्षेत्र के 2 से 3 मकान को खाली करवा दिया गया है, जबकि ऊपर अन्य मकानों को भी खतरा पैदा हो गया है. मकान के साथ संजौली डाली बाईपास में भी बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिसे वाहनों के लिए वन वे किया गया है. हल्के वाहन ही जाने दिए जाएंगे. व्यक्ति की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है."

रात भर सड़क पर बैठे रहे लोग

संजौली के चलौंठी में निर्माणाधीन टनल के धंसने से कई घरों को खतरा पैदा हो गया है. ऐसे में प्रशासन ने रात को ही घरों को खाली करवा लिया था. लगभग 15 परिवार ठंड में रात भर सड़क पर बैठे रहे और सुरक्षित जगह पर जाने का इंतजार करते रहे.

Shimla Chalaunthi Tunnel collapsed
शीतलहर में खुलाे आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर लोग (ETV Bharat)

स्थानीय प्रभावित महिला ने बताया, "बिल्डिंग में दरारें पड़ गई हैं और यह गिरने की कगार पर आ गई है. यह टनल लगभग एक साल से बन रही है और यहां पर रात को ब्लास्टिंग होती है, जिससे हमारे मकान हिल जाते थे. बावजूद उसके कंपनी के एक भी अधिकारी ने यहां आकर सुध नहीं ली. शुक्रवार रात को कंपनी के आदमी ने कहा कि मकान को खतरा है और अभी मकान को खाली कर दीजिए. ऐसे में हम लोगों को घर से बाहर निकल कर रात भर सड़क पर बैठे रहना पड़ा."

भवनों का निरीक्षण करने और प्रभावितों से मिलने पहुंचे DC (ETV Bharat)

गिरने की कगार पर कई मकन

स्थानीय लोगों कहना है कि, प्रशासन की तरफ से भी उन्हें कोई ज्यादा सहायता नहीं मिली है. रात के समय अचानक ब्लास्टिंग हुई और तेज आवाज आई, जिसके चलते मकान के गिरने का खतरा पैदा हो गया. आज (शनिवार, 10 जनवरी) सुबह भी यहां जमीन जोर से नीचे धंसने की आवाज आई है, जिससे लोगों में डर बैठ गया है. ऐसे में लोग अब सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं.

कई स्थानीय लोगों कहना है कि, उनके पास तो सुरक्षित स्थान भी नहीं है और न ही प्रशासन की तरफ से उन्हें कोई सुरक्षित स्थान मुहैया करवाया गया है. चलौंठी से बन रही टनल ढली में निकलनी है, लेकिन इसके ऊपर रह रहे लोगों को काफी डर सताने लगने लगा है. क्योंकि, लोगों के घरों में दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं, जिसके चले लोग घबराने लगे हैं.

Shimla Chalaunthi Tunnel collapsed
उपायुक्त शिमला ने किया कमेटी का गठन (DC SHIMLA)

टनल धंसने से 6 मंजिला रिहायशी मकान में दरार

शिमला के चलौंठी में टनल निर्माण के कारण एक 6 मंजिला रिहायशी मकान में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे 15 परिवारों को रात में ही घर खाली करना पड़ा. ये परिवार कड़ाके की ठंड में सड़क पर आ गए. मकान के अलावा, ढली-संजौली बाईपास सड़क में भी दरारें आई हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है. इसके अलावा देर रात एक होटल भी खाली करवाया गया, जिसमें पर्यटक काफी संख्या में रुके हुए थे जोकि रात को ही वहां से निकल गए.

प्रभावित परिवारों का शासन प्रशासन पर आरोप

रात को एडीएम भी मौके पर पहुंचे ओर प्रभावित परिवारों को वहां से किसान भवन शिफ्ट किया गया. वहीं, प्रभावित परिवारों ने एनएचएआई पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि, "टनल निर्माण के दौरान ब्लास्टिंग और बड़ी मशीनों के इस्तेमाल से घरों में दरारें आई हैं. तीन दिन पहले ही दीवारों में हल्की दरार दिखने लगी थीं, लेकिन निर्माण कंपनी और प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की. जिंदगी भर पाई-पाई जोड़कर घर बनवाए. अब घर कब जमीन में समा जाए, कुछ नहीं कहा जा सकता. आखिर इतना जल्दी कहां जाएं और इतनी सर्दी में कैसे इंतजाम करें."

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Last Updated : January 10, 2026 at 8:51 PM IST