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बलरामपुर में आदिवासी ग्रामीण की मौत का मामला, नेता प्रतिपक्ष ने NHRC और जनजाति आयोग को लिखा पत्र

हंसपुर आदिवासी मौत मामला, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष महंत ने NHRC और जनजाति आयोग को लिखा पत्र, मुआवजा देने और उच्चस्तरीय जांच की मांग

Chhattisgarh Leader of Opposition Charandas Mahant
छत्तीसगढ़ नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 19, 2026 at 4:31 PM IST

3 Min Read
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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सियासत में बलरामपुर के हंसपुर गांव की घटना को लेकर हलचल तेज हो गई है. छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने एक आदिवासी ग्रामीण की कथित प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान हुई मौत को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताया है. उन्होंने इस मसले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा है.

लोकतंत्र में इस तरह की घटना अस्वीकार्य- महंत

डॉ. चरणदास महंत ने अपने बयान में कहा कि हंसपुर गांव में घटी घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान अत्यधिक बल प्रयोग किया गया, जिसके परिणामस्वरूप एक निर्दोष आदिवासी ग्रामीण की जान चली गई. उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस प्रकार की घटना स्वीकार्य नहीं हो सकती.

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत का बयान (ETV BHARAT)

प्रशासनिक आचरण पर उठे सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने पत्र में उल्लेख किया कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए नियुक्त अधिकारियों द्वारा कथित रूप से आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया गया. इस घटना के बाद स्थानीय समुदायों में गहरा आक्रोश और भय का वातावरण है. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक जवाबदेही, कानून के शासन और मूलभूत मानवाधिकारों की रक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं.

Letter from Leader of Opposition Charandas Mahant
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत का पत्र (ETV BHARAT)

इस केस में निष्पक्ष जांच की जरूरत है. तथ्यों की जांच और दोषियों की जवाबदेही तय करने के लिए व्यापक और निष्पक्ष जांच आवश्यक है. मैं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से स्वतंत्र रूप से पूरे मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग करता हूं, ताकि जनता का कानून व्यवस्था पर विश्वास कायम रह सके- डॉ चरणदास महंत, नेता प्रतिपक्ष, छत्तीसगढ़

Politics on Balrampur rural death issue
बलरामपुर ग्रामीण मौत मुद्दे पर राजनीति (ETV BHARAT)

पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा और पुनर्वास की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने यह भी मांग की है कि मृतक के परिवार को तत्काल आर्थिक मुआवजा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए. साथ ही घटना में प्रभावित एवं घायल ग्रामीणों के समुचित इलाज और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.

हंसपुर की घटना ने प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्ष इसे आदिवासी अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है, वहीं अब सबकी नजर आयोग की आगामी कार्रवाई पर टिकी है. आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा और राजनीतिक मंचों पर और अधिक गरमा सकता है.

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