बीजापुर उपजेल और कोतवाली पहुंचे मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष गिरधारी नायक, बंदियों से की बात
छत्तीसगढ़ राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष गिरधारी नायक बंदियों से मिले और उन्हें शिक्षा लेने के लिए प्रेरित किया.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 24, 2026 at 10:33 AM IST
बीजापुर: छत्तीसगढ़ राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष गिरधारी नायक ने अपने बीजापुर प्रवास के दौरान उप जेल और कोतवाली थाना का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की. निरीक्षण का उद्देश्य मानव अधिकारों के संरक्षण, बंदियों के सुधार तथा पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली को और अधिक संवेदनशील एवं पारदर्शी बनाना रहा.
बीजापुर उपजेल में गिरधारी नायक
उप जेल निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष नायक ने निरुद्ध बंदियों से सीधे संवाद किया और उनके जेल तक पहुंचने के कारणों की जानकारी ली. बातचीत के दौरान यह सामने आया कि अधिकांश बंदी नक्सल गतिविधियों से जुड़े मामलों में निरुद्ध हैं. उन्होंने बंदियों की शैक्षणिक योग्यता, पारिवारिक स्थिति एवं सामाजिक पृष्ठभूमि के बारे में विस्तार से जानकारी ली. इस दौरान यह तथ्य उभरकर सामने आया कि बड़ी संख्या में बंदी कम पढ़े-लिखे या पूर्णतः अशिक्षित हैं.

बंदियों को शिक्षा लेने किया प्रेरित
नायक ने कहा कि अशिक्षा और जागरूकता की कमी के कारण कई लोग गलत रास्तों पर चले जाते हैं और अपराध या उग्र गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं. शिक्षा व्यक्ति को सही और गलत का भेद सिखाती है. उसे समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. उन्होंने बंदियों को शिक्षा अपनाकर आत्ममंथन करने, अपने भविष्य को सुधारने और पुनर्वास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. बंदियों ने भी शिक्षा के महत्व को स्वीकार करते हुए सकारात्मक और शांतिपूर्ण जीवन की ओर लौटने की इच्छा जताई.

जेल में बंदियों को दी जाने वाली व्यवस्था देखी
निरीक्षण के दौरान जेल में उपलब्ध भोजन व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी जानकारी ली. आवश्यक सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए.

बीजापुर कोतवाली थाने का औचक निरीक्षण
इसके बाद आयोग के अध्यक्ष कोतवाली थाना बीजापुर का औचक निरीक्षण करने पहुंचे. उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली, शिकायत निवारण व्यवस्था, आगंतुकों को मिलने वाली सुविधाओं, दर्ज अपराधों और निराकृत प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा की. थाना परिसर के विभिन्न कक्षों का अवलोकन करते हुए उन्होंने पुलिसकर्मियों को पारदर्शिता, संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए.

अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस और प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि प्रत्येक नागरिक के मानव अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए और न्याय प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे.


