कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का आंदोलन, दूसरे दिन कलम बंद आंदोलन में बैठे हजारों कर्मचारी
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले नारायणपुर जिले में चल रहा तीन दिवसीय आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : December 30, 2025 at 9:15 PM IST
नारायणपुर: 11 सूत्रीय मांगों को लेकर नारायणपुर जिले के बाजार स्थल में हजारों कर्मचारी कलम बंद-काम बंद आंदोलन करते हुए धरने पर बैठे रहे. आंदोलन के तहत कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर शासन के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया.
दूसरे दिन कलम बंद आंदोलन
कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन से संबद्ध 125 मान्यता और गैर-मान्यता प्राप्त संगठनों के आह्वान पर यह तृतीय चरण आंदोलन 29 दिसम्बर से 31 दिसम्बर 2025 तक हो रहा है. आंदोलन के दूसरे दिन कर्मचारियों ने कलम बंद आंदोलन कर कार्य का पूर्ण बहिष्कार किया. आंदोलनकारी कर्मचारियों ने बताया कि सरकार द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद उनकी लंबित मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है.
हमारी मांगों को मोदी की गारंटी का नाम दिया लेकिन अबतक कर्मचारियों की कोई भी मांग पूरी नहीं हुई है- दीपेश रावटे, जिला संयोजक कर्मचारी अधिकारी फ्रेडरेशन संघ, नारायणपुर

11 सूत्रीय मांगों के लिए हड़ताल कर रहे हैं. हमारी मांगें जायज हैं-सत्यशीला मेश्राम, जिला महामंत्री, कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन संघ नारायणपुर
कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन कीप्रमुख मांगें
1.मोदी की गारंटी के अनुसार प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों को केन्द्र सरकार के समान देय तिथि से मंहगाई भत्ता (DA) एवं मंहगाई राहत (DR) प्रदान किया जाए.
2. वर्ष 2019 से लंबित DA एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए.
3. प्रदेश के लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए.
4. प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नति समयमान वेतनमान क्रमशः 8, 16, 24 और 32 वर्ष में लागू किया जाए.
5. सहायक शिक्षकों और सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए और नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन, समयबद्ध पदोन्नति दी जाए.
6. अन्य भाजपा शासित राज्यों की तर्ज पर प्रदेश में कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की जाए.
7. अनुकंपा नियुक्ति को नि:शर्त लागू करने के लिए स्थायी आदेश जारी किया जाए और वर्तमान 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त कर सीधी भर्ती के सभी पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाए.
8. मध्यप्रदेश की भांति प्रदेश में अर्जित अवकाश नगदीकरण की सीमा 300 दिवस की जाए.
9. प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए समस्त सेवा लाभ दिए जाएं तथा पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए.
10. विभिन्न विभागों में सेटअप पुनरीक्षण नहीं होने के कारण कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए.
11. प्रदेश में कार्यरत कार्यभारित, दैनिक वेतनभोगी, अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण कर नियमित पदस्थापना में नियुक्त किया जाए.

मांगें नहीं माने जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. अनिश्चितकालीन आंदोलन की रणनीति अपनाई जाएगी. आंदोलन के अंतिम दिन 31 दिसम्बर को कर्मचारी रैली निकालकर जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को ज्ञापन सौंपेंगे.

